गंगा की लहरों द्वारा बहाकर लाए मलबे से घाट पर गंदगी का अंबार है। घाट सफाई में देरी के चलते श्रद्घालुओं को गंगा स्नान करने और एक घाट से दूसरे घाट आने जाने में परेशानी हो रही है। बाढ़ के दौरान बहकर आई गाद की सफाई में देरी से छह से सात घाटों पर गंदगी पसरी हुई है। त्योहार करीब होने के बावजूद घाटों की सफाई में हो रही देरी से न सिर्फ पर्यटकों को, लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दशाश्वमेघ घाट निवासी राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि घाट की सफाई के लिए नगर निगम के प्रयास नाकाफी हैं। घाट पर सफाई की जा रही है, लेकिन जगह जगह मलबा जमा होने से घाट बदरंग हो रहे हैं। अहिल्याबाई घाट की सफाई की गई है, लेकिन वहां मलबा एकत्र है।
विक्की साहनी ने बताया कि घाट पर सैलानी आते हैं और फूल माला फेंककर चले जाते हैं, जिससे चारों तरफ गंदगी फैली रहती है। नगर निगम सिर्फ सफाई का दिखावा करता है। शीतला घाट पर मंदिर के बाहर मलबा नहीं हटा है, शीतला घाट पर जल पुलिस चौकी के समीप गंदगी का अंबार है। अस्सी घाट, भदैनी घाट, मानमंदिर घाट, त्रिपुर भैरवी घाट, आदिकेशवघाट, मीरघाट के अलावा करीब आधा दर्जन घाटों पर गंदगी का अंबार है।
अभियान चलाकर घाटों से अतिक्रमण हटाया जाएगा, अगर कहीं घाट पर गंदगी है तो उसे अभियान चलाकर साफ कराया जाएगा। -सुमित कुमार, अपर नगर आयुक्त