गंगा प्रदूषण का मामला एक बार फिर सामने आया है। जिसमें विभाग की लापरवाही भी देखने को मिल रही है। दरअसल, गिलट बाजार क्षेत्र, राजश्री नगर, पत्रकारपुरम कालोनी, अज्जी अलीफा गली,तागागली, सदर तहसील ,सूफिनगर, धूवानी गली,विशाल के पीछे के क्षेत्रों में सीवर लाईन नहीं है। वहीं भूमिगत जल निकासी में ही सभी लोगों का सीवर बहता है जो नालों के माध्यम से वरूणा नदी के द्वारा गंगा जी में जाता है।
भारत सरकार व प्रदेश सरकार की योजना है कि गंगा साफ हो लेकिन अधिकारीगण, शासन की मंशा के विपरीत काम र्य कर रहे हैं । वहीं जहां भी गंगा प्रदूषण पर काम गया है वहां भी घोटाले हैं। अधिकारी व ठेकेदार कि मिलीभगत से कोई सुनने वाला नहीं है।
पाण्डेयपुर वार्ड के पार्षद अशोक मौर्या
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पाण्डेयपुर वार्ड के पार्षद अशोक मौर्या ने बताया की उनके वार्ड में जगह-जगह कूड़ा उठाने की समस्या है। कुछ जगह अनियमित रोड कटिंग के कारण अक्सर पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है या लीकेज की समस्या शुरू हो जाती है। अनियंत्रित रोड कटिंग पर सख्ती बरती जानी चाहिए।
सरसौली पार्षद सुनील सोनकर
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सरसौली पार्षद सुनील सोनकर ने बताया की उनके क्षेत्र के भोजूबीर सिंधौरा मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे आए दिन दुर्घटना होती रहती हैं। नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से सड़कों का बुरा हाल है क्योंकि पानी निकासी की वजह से पैसे की बर्बादी होती है।
पार्षद जय सोनकर
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प्रदेश के सबसे युवा पार्षद जय सोनकर(नई बस्ती )ने बताया कि बघवानाला स्थित नाले पर आवागमन के लिए एक पुल की आवश्यकता है क्योंकि यह तीन वार्डों की सीमा पर स्थित है। जो हुकुलगंज, नई बस्ती,पहड़िया के लोगों के संपर्क के लिए अच्छा साधन हैष। जिसके लिए प्रस्ताव रखा गया है।