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पुलिस की लापरवाही: मंदिर की दीवार पर चिपकाए गए धमकी वाले पत्र, ताजिया पर बवाल का है मामला

Tue, 16 Aug 2022 03:42 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

मुहर्रम जुलूस के दौरान हुए दोनों संप्रदायों के बीच झगड़े को लेकर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसके कारण कोटवा गांव में स्थित चौरा माता मंदिर की दीवार पर गांव के तीन लोगों के नाम से धमकी भरे पत्र चिपकाये जाने से गांव में तनाव है। 
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प्राचीन दुर्गा मंदिर पर चिपकाया गया पोस्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस की छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी हो सकती है इसका अंदाजा लगाना कठिन है। पुलिस द्वारा मुहर्रम जुलूस के दौरान हुए दोनों संप्रदायों के बीच झगड़े, गाली-गलौज को ठीक से निपटारा कराया गया होता तो ये धमकी भरा पत्र चट्टी-चौराहों पर न चिपकाया होता।
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हालांकि पुलिस पूरी तरह अपने को सक्रिय दिखाते हुए दो संप्रदायों के झगड़े को सुलझाने का प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार लोहता थाना अंतर्गत पड़ने वाले कोटवा चौकी स्थित कोटवा बाजार में हिंदू-मुसलमान आमने-सामने हो गए है। बताया गया कि कोटवा ग्राम में स्थित चौरा माता मंदिर की दीवार पर गांव के तीन लोगों के नाम से मां-बहन की भद्दी-भद्दी गलियां और धमकी भरे पत्र स्वतंत्रता दिवस के दिन यानि बीते सोमवार को चिपकाये जाने से गांव में तनाव है। 

पीड़ित अभिलाष कुमार सिंह उर्फ मोनू ने लोहता थानाध्यक्ष को लिखित तहरीर देने लगे तो उन्होंने तहरीर लेने से इनकार कर दिया और कोटवा चौकी प्रभारी से बात करने को कह कर इस मामले को टाल दिया। लेकिन पुलिस की खुफिया विभाग ने इस प्रकरण को गम्भीरता से संज्ञान में लेकर अपनी रिपोर्ट पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिये भेज दिया। उधर पीड़ित पक्ष ने यूपी काप एप और शोसल मिडिया के द्वारा समाज के अवांछनीय तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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बीते नौ अगस्त को ताजिया जुलूस को लेकर हुई थी झड़प

कोरउत गांव की ताजिया जब कोटवा के भगेलू सिंह के दरवाजे के पास पहुंची तो ताजिया जुलूस में शामिल कुछ असामाजिक तत्व  हसन हुसेन का नारा लगाते हुये लोग भगेलू सिंह के दरवाजे पर चढ़ गये थे। जब लोगों ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में झड़प होने लगी। सूचना पाकर कोटवा चौकी प्रभारी दिनेश कुमार मौर्य पुलिस टीम के साथ पहुंचे दोनों पक्षों को समझा बुझा कर मामले को शांत करा दिया था। लोगों का कहना है कि यदि उस दिन सुरक्षा के लिये पुलिस के जवान पहले से तैनात रहते तो दो समुदाय मे झड़प नहीं हुई होती।


पुलिस की लापरवाही उजागर

पीड़ित अभिलाष कुमार सिंह मोनू का कहना है कि मोहार्रम के दिन हुई झड़प के प्रकरण में स्थानीय पुलिस द्वारा सम्प्रदाय विशेष के लोगों पर कोई कानूनी कार्यवाही न किये जाने के कारण धमकी भरे पत्र गाव के मंदिर और  अन्य जगह चिपकाये गये है। जिसमें मां-बहन को भद्दी भद्दी गलियों से नवाजा गया है साथ ही जान से मार देने की धमकी लिखी गई है। हम लोग बहुत ही भयभीत हैं, रातों की नींद गायब है। कोटवां चौकी इंचार्ज दिनेश मौर्य ने बताया की अज्ञात लोगों के खिलाफ गालीगलौज और धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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