बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की समस्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को जहां ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। वहीं, इमरजेंसी में मरीज स्ट्रेचर पर पड़े रहे। वह चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। हालांकि, सीनियर डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से उन्हें समय से इलाज नहीं मिल पा रहा था। इमरजेंसी के बाहर भी परिजन स्ट्रेचर पर मरीजों को लेकर खड़े रहे। उधर, ऑपरेशन थिएटर में भी परिजनों को इंतजार करना पड़ा। हालांकि हड़ताल की वजह से इमरजेंसी में केवल 36 मरीजों को ही देखा गया।
नीट पीजी में काउंसिलिंग में देरी के विरोध में जूनियर डॉक्टर मंगलवार दोपहर से ही इमरजेंसी सेवा ठप कर आंदोलनरत है। वरिष्ठ चिकित्सकों पर ही ओपीडी में मरीजों को परामर्श देने के साथ ही इलाज की जिम्मेदारी है। बुधवार दोपहर में इमरजेंसी के बाहर मरीजों को उनके परिजन स्ट्रेचर पर लेकर खड़े रहे। कुछ को ऑक्सीजन भी लगा था। इसके अलावा जो अंदर हॉल में भर्ती थे, उन्हें भी केवल सीनियर रेजिडेंट, पैरामेडिकल स्टाफ ही देख रहे थे। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर ऑपरेशन थिएटर पर भी दिखा। मरीजों के परिजन बाहर खड़े होकर ऑपरेशन का इंतजार करते रहे। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां मरीजों की संख्या भी अधिक रही। इधर, जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल पर रहने का फैसला किया है।
बोले मरीज
मां को पेट संबंधी परेशानी है। इमरजेंसी में लेकर आए थे। पर्चा कटाने के बाद डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने देखा, कुछ दवाइयां भी लिखी। इसके बाद मंडलीय अस्पताल जाने को कह दिया। इसी वजह से स्ट्रेचर पर लेकर खड़े हैं। - लक्ष्मी, चंदौली
पैर में सूजन से पिछले कई दिनों से परेशानी थी। इमरजेंसी में किसी तरह डॉक्टर को दिखाया। कुछ देर देखने के बाद डॉक्टर ने दूसरे वार्ड में जाने को कह दिया है। हड़ताल की वजह से इलाज में समस्या आ रही है।
- लक्ष्मण प्रसाद, बिहार
एक नजर में मरीजों का आंकड़ा
ओपीडी में पंजीकरण 3348
भर्ती मरीज 70
डिस्चार्ज 84
इमरजेंसी ओपीडी 36
ऑपरेशन 65
रेडियोलॉजी में जांच 215