काशी नागरी प्रचारिणी सभा में चुनाव
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चुनाव अधिकारी एसीएम चतुर्थ अंशिका दीक्षित ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 228 डाक मतपत्र और 34 मतदाताओं ने अपने मत डाले। इसमें एक टेंडर वोट भी था। हाईकोर्ट के आदेशानुसार मतपत्र को सीलबंद करके रखवा दिया गया है। आगे जैसा आदेश होगा कार्रवाई की जाएगी।
लगते रहे गड़बड़ियों के आरोप
मतदाता सूची पर एक पक्ष ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई मृत लोगों के नाम भी हैं बावजूद कई मतदाताओं के पोस्टल बैलेट से मतपत्र पहुंचे हैं। वहीं, एक मतदाता को लेकर कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति रही। मतदान के दौरान मत डालने को लेकर कई बार दोनों पक्षों में गरमागरम बहस भी हुई और एक दूसरे को देख लेने की धमकी तक दे दी गई। चुनाव अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।
व्हीलचेयर तो कोई परिजनों के सहारे पहुंचा
कोई व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान करने पहुंचा तो कोई परिजनों का सहारा लेकर। सभापति और प्रधानमंत्री पद पर तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। उपसभापति पद पर चार, साहित्य मंत्री, अर्थ मंत्री, प्रकाशन मंत्री और प्रचार मंत्री के पद पर दो-दो उम्मीदवार हैं। वहीं, प्रबंध समिति में सदस्यता के लिए 22 ने पर्चा भरा है।
मैदान में प्रत्याशी
- अनुराधा बनर्जी
- मिथिलेश कुमार पांडेय
- राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी
- सत्य नारायण पांडेय
- सुरेंद्र मोहन तिवारी
- शिवदत्त द्विवेदी
- श्रीनिवास पांडेय
- नरेंद्र नारायण द्विवेदी
- व्योमेश शुक्ल
- शोभाराम यादव
- विद्याभूषण मिश्र
- सोमदत्त द्विवेदी
- अनुराग उपाध्याय
- भावना पांडेय
- राधेश्याम दुबे
- राम नरायन
- आलोक शुक्ला
- कालिंदी पांडेय
अविनाश तिवारी, आनंद शंकर पांडेय, ऋषिकेश पांडेय, कमलेश कुमार पांडेय, गायत्री महेश्वरी, गुरिंदर सिंह, गोकुल शर्मा, जितेंद्र मोहन तिवारी, जेपी शर्मा, तन्मय तिवारी, दयाशंकर सिंह, धीरेंद्र मोहन तिवारी, नरेंद्र नीरव, प्रशांत तिवारी, बीना सिंह, मंजरी सिंह, रजनीश उपाध्याय, राजीव शंकर तिवारी, विनय शंकर तिवारी, संजय कुमार पांडेय, हरिहर नाथ शुक्ल, ज्ञान देवी