दो लड़के और एक लड़की की नौकरी के लिए 36 लाख रुपये देना होंगे और भागदौड़ में चार लाख रुपये अलग से खर्च होंगे। विनय ने बताया कि पिता-पुत्र की बातों पर भरोसा कर उन्हें चेक और नकद 39 लाख रुपये दे दिए। इसके कुछ दिन बाद शिवशंकर ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नाम से लिखा लेटरपैड दिया।
लखनऊ जाकर पता करने पर सामने आया कि लेटरपैड फर्जी है। इस पर शिवशंकर से पैसे वापस मांगे तो उसने 10 लाख के दो चेक दिए। बैंक में चेक बाउंस हो गए। उसके बाद से लगातार पैसा मांगा गया, लेकिन शिवशंकर टालमटोल करता रहा। 22 जून को शिवशंकर ने पैसा देने के लिए सेंट्रल जेल रोड पर बुलाया। पैसा मांगने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी, साथ ही कहा कि सब भूल जाओ। शिवपुर थनाध्यक्ष नागेश कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।