अस्थायी महंत आवास शिवरात्रि के पूर्व मां गौरा का स्थायी मायका और महंत आवास बन जाएगा। यहीं से बाबा विश्वनाथ से जुड़ी तिलक, गौना और रंगभरी की परंपराओं का संचालन किया जाएगा। बाबा विश्वनाथ के विवाहोत्सव और गौना के लिए शिवपरिवार व पंचबदन की रजत प्रतिमाओं के साथ सभी निजी प्रतिमाएं 13 फरवरी को टेढ़ीनीम स्थित गेस्ट हाउस में लाई जाएंगी। यह जानकारी मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने दी।
उन्होंने बताया कि 356 साल से चली आ रही परंपरा के अनुसार विवाहोत्सव व गौना की रस्म अस्थायी महंत आवास से मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बाबा विश्वनाथ की सभी रजत प्रतिमाओं को शिवरात्रि से पूर्व 13 फरवरी को टेढ़ीनीम स्थित गेस्ट हाउस पर लाया जाएगा। डॉ. तिवारी ने बताया कि 22 जनवरी को महंत आवास गिरने के बाद सभी प्रतिमाओं को विश्वनाथ मंदिर में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रखा गया था। तिलकोत्सव के लिए रजत प्रतिमा को लाकर परंपरा निर्वहन के बाद वापस मंदिर में रखा गया है।
प्रतिमा रखने की स्थायी व्यवस्था के तहत अब सभी प्रतिमाओं को टेढीनीम के भवन में ही रखा जाएगा। शिवरात्रि के बाद होने वाली सभी परंपराओं का निर्वहन भी टेढी नीम के महंत आवास से ही निभाई जाएंगी। बाबा के गौना के लिये रजत पालकी और रजत शिवाला की मरम्मत तेजी से हो रही है।