शिक्षक डॉ. प्रवीण झा की फाइल फोटो और कार की हालत।
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Varanasi Crime News: सनबीम स्कूल भगवानपुर में अंग्रेजी के शिक्षक डॉ. प्रवीण झा की हत्या से उनके साथी बहुत दुखी हैं। शिक्षक और छात्र उन्हें याद कर भावुक हो जा रहे हैं। उनके साथी शिक्षकों का कहना है कि डॉ. प्रवीण झा ने हमेशा एक शिक्षक बनने के सपने को साकार करने की दिशा में कार्य किया। उन्हें कई बार प्रिंसिपल बनने का ऑफर दिया गया लेकिन उन्होंने शिक्षक के तौर पर सेवा करने का जो संकल्प लिया था उस पर अडिग रहे।
जो मजा टीचिंग में है कहीं नहीं
डॉ. प्रवीण झा के साथ हुई घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। वह ऐसे शिक्षक थे जो सभी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे। दो-तीन महीने पहले मेरी बात हुई थी तो मैंने डॉ. प्रवीण से प्रिंसिपल बनने को कहा। इस पर उन्होंने कहा कि जो मचा टीचिंग में है, वो कहीं नहीं है। शिक्षक, छात्र सभी से उनका मिलनसार स्वभाव था। कोई भी आयोजन होता था तो उसमें प्रवीण झा बढ़चढ़कर भागीदारी करते थे। उनका जाना बहुत खल रहा है।
- वीके मिश्रा, पूर्व सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई
डॉ. प्रवीण अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता मानने वाले शिक्षक थे। यही कारण है कि समय से स्कूल आने के साथ ही वह हर कार्यक्रम में आगे बढ़कर हिस्सा लेते थे। शिक्षकों के साथ ही बच्चों के साथ उनका गहरा जुड़ाव था। वह बच्चों को बहुत मानते थे। बच्चों के लिए वह मेंटर थे। स्टाफ रूम में जब भी हम साथ बैठते थे तो हमेशा वह शिक्षा पर ही चर्चा करते थे। एक अच्छे शिक्षक के साथ इस तरह का जघन्य कृत्य किया गया जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
- विकास कुमार सिन्हा, शिक्षक सनबीम भगवानपुर