दूसरे दिन भी विरोध और नारेबाजी
दिन में साढ़े तीन बजे के बाद सर्वे टीम ज्ञानवापी परिसर पहुंची। इस दौरान बाहर हंगामा होता रहा। गेट नंबर चार के बाहर सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने नारेबाजी करने वालों को हटाया। इसी बीच, नमाज के लिए भी लोग परिसर में पहुंचने लगे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने उन्हें दूसरी मस्जिद में भेजा। सवा छह बजे तक सर्वे टीम के सभी सदस्य बाहर आ गए।
वादी पक्ष के अधिवक्ता सोहनलाल आर्य ने कहा कि अधिवक्ता आयुक्त ने शाम करीब साढ़े चार बजे सर्वे शुरू कराया। मस्जिद की चौहद्दी और बाहरी दीवारों की स्थिति देखी। मस्जिद में प्रवेश करने पहुंचे तो अंदर पहले से मौजूद नमाजियों व विपक्षी अधिवक्ताओं ने रोक दिया। अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने कहा कि तकनीकी कारणों से सर्वे की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। हमें जो भी बात कहनी है, कोर्ट में कहेंगे।
ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के दौरान पहले दिन की चूक से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने दूसरे दिन सड़क को ही छावनी में तब्दील कर दिया। चौक से लेकर बांसफाटक तक पीएसी के जवान सड़क के दोनों तरफ लगातार चक्रमण करते रहे। वहीं गेट नंबर चार के बाद सड़क के दोनों तरफ पीएसी व पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।
शनिवार को पुलिस प्रशासन ने ज्ञानवापी में नमाज के लिए आने वाले नमाजियों की संख्या को भी नियंत्रित रखा। शनिवार को सुबह श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित ज्ञानवापी परिसर का माहौल शांतिपूर्ण रहा। सुबह से पुलिस फोर्स की आवाजाही शुरू हो गई थी। हालांकि शुक्रवार की तरह नमाज के लिए भी नमाजी दोपहर से ही पहुंचने लगे थे।
पुलिस प्रशासन ने एहतियातन परिसर में नमाजियों की संख्या को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी थी। शाम को चार बजे के बाद जब कतार लंबी होने लगी तो नमाजियों को आसपास की मस्जिदों की ओर रवाना किया गया। चुनिंदा लोगों को छोड़कर बाकी नमाजियों को दूसरी मस्जिदों में भेजा गया। वहीं परिसर के बाहर भी सड़क के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर के दायरे में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर तैनात पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को भी आम श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार से प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह से ही गेट नंबर चार पर आने वाले श्रद्धालुओं को दूसरे रास्ते से मंदिर में भेजा गया। शाम को सात बजे के बाद श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू हुआ। सर्वे के कारणऔर सुरक्षा के मद्देनजर छह घंटे से ज्यादा गेट नंबर चार आम श्रद्धालुओं के लिए बंद करना पड़ा। उन्हें ढुंढिराज मार्ग से दर्शन के लिए भेजा जा रहा था। सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं की संख्या कम रही वहीं दोपहर बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी थी।
सर्वे को लेकर दूसरे दिन भर अफवाहों का बाजार गरम था। इंटरनेट मीडिया पर जिस तरह से खबरें परोसी जा रहीं थी, उससे लोग एक दूसरे से पूछते दिखाई पड़े कि कहीं कुछ हुआ है क्या। गलियों से एक वर्ग के लोग बराबर हालचाल ले रहे थे। मोबाइल फोन पर भी लोग गतिविधियों की जानकारी लेते रहे।