डाक विभाग की ओर से सोमवार को चौबेपुर स्थित एक लॉन में सुकन्या डाक मेले का आयोजन किया गया। लोगों को सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही बेटियों को सुकन्या योजना का पासबुक वितरित किया गया। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। ऐसे में 10 साल की उम्र तक अधिक से अधिक बेटियों को इस योजना का लाभ दिलाना चाहिए।
मेले में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टर मास्टर जनरल ने कहा कि डाक विभाग अब सिर्फ पत्रों और मनीऑर्डर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ही छत के नीचे प्रदेश और केंद्र सरकार की 73 सेवाएं उपलब्ध कराकर डाकघरों को बहुउद्देश्यीय बनाया गया है। बचत, बीमा, आधार, पासपोर्ट, कॉमन सर्विस सेंटर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, वाहनों का बीमा, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, गंगाजल की बिक्री जैसी तमाम सुविधाएं डाकघरों में उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया, वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक 2.10 लाख बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं, वहीं 357 गांवों को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जा चुका है। किसानों सहित अन्य तमाम लाभार्थियों के बैंक खातों में आने वाली डीबीटी राशि की निकासी के लिए अब किसी को भी बैंक या एटीएम जाने की जरूरत नहीं, बल्कि घर बैठे ही सभी अपने आधार लिंक्ड बैंक खाते से डाकिया के माध्यम से निकासी कर सकते हैं। कार्यक्रम में राजन राव, संजय कुमार वर्मा, राघवेंद्र जायसवाल, श्रवण कुमार, संजय यादव आदि मौजूद रहे।
क्या है सुकन्या योजना
वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर राजन ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना में केवल 250 रुपये में खाते खोले जाते हैं। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम डेढ़ लाख रुपये जमा किये जा सकते हैं। किसी भी बालिका के 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने अथवा 10वीं कक्षा पास कर लेने के उपरांत जमा राशि का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। खाते की परिपक्वता अवधि खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष है। बालिका के 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के बाद विवाह के समय बंद किया जा सकता है।