वाराणसी में बैंक ऑफ बड़ौदा की चांदपुर शाखा के मुख्य प्रबंधक, संकटमोचन शाखा के प्रबंधक, विधि अधिकारी और रिकवरी एजेंट के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी, धमकाने और छल सहित अन्य आरोपों में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई फुलवरिया निवासी किसान नेता विनय शंकर राय के प्रार्थना पत्र पर एसएसपी के आदेश से की गई है।
विनय शंकर राय के अनुसार वह फुलवरिया स्थित वैडर्स इंडिया व ट्रसमूवर्स इंडिया फर्म में साझीदार हैं। उनके द्वारा संपत्ति बंधक रख कर बैंक ऑफ बड़ौदा से कर्ज लिया गया था। उनकी फर्म के खाते से 39 लाख रुपये व एफडीआर में हेराफेरी की गई। इसके साथ ही उनके द्वारा लिए गए कर्ज में बैंकिंग नियम का खुला उल्लंघन कर मनमानी और विश्वसघात किया गया।
इस काम में बैंक ऑफ बड़ौदा की चांदपुर शाखा के मुख्य प्रबंधक नरेंद्र प्रसाद, संकटमोचन शाखा के प्रबंधक बिरेंद्र पान, विधि अधिकारी प्रवीण उपाध्याय और रिकवरी एजेंट अश्वनी तिवारी की मिलीभगत है। विनय शंकर राय के अनुसार, बैंक के चारों कर्मियों ने उनकी बंधक संपत्ति को नियमों की अनदेखी कर अपने निजी हित के लिए औने-पौने दाम में बेच दिया।
लॉकडाउन में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर चारों बैंक कर्मी उनके घर में घुसकर उनकी बीमार पत्नी श्वेता राय को अपमानित किए। इस बीच बीती 19 मार्च को बैंक के सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे आठ लाख रुपये जमा कराया गया।