महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाई जाएगी। कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालयों को युवाओं का रचनात्मक उपयोग करने का निर्देश दिया है। अब इस पर पहल शुरू कर दी गई है। शहर के दोनों विश्वविद्यालयों में क्रियाकलापों के लिए गठित की जाने वाली समितियों में भी विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय की तर्ज पर महाविद्यालयों में भी यह व्यवस्था शुरू होगी। काशी विद्यापीठ के सभी संकायों में छात्रों को जिम्मेदारियां दी जाएंगी। वहीं, विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने और समयबद्ध निस्तारण भी किया जाएगा।
पिछले सप्ताह राजभवन में नैक प्रस्तुतीकरण की बैठक के दौरान कुलाधिपति ने निर्देश दिया था कि विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत 30 फीसदी पाठ्यक्रम स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही लागू करें। साथ ही शोध कार्यों के लिए अपनी शोध पॉलिसी विकसित कर वेबसाइट पर अपलोड करें। जिसमें शोध कार्य के लिए सुविधाओं का भी उल्लेख हो। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के फीडबैक पर भी शोध कार्य होना चाहिए।
शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड होंगी सूचनाएं
पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के लिए शोध गंगा पोर्टल का उपयोग कर समस्त सूचनाएं अपलोड की जाएंगी। विश्वविद्यालय में स्मार्ट क्लास विकसित करने के साथ ही ऑनलाइन शिक्षण कार्य को बढ़ावा दिया जाएगा।