यूपीसीडा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों संग कमिश्नर दीपक अग्रवाल की मौजूदगी में हुई बैठक में करखियांव औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं का मुद्दा छाया रहा। उद्यमियों ने ईटीपी लगाने के लिए दबाव बनाने, बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य समस्याओं का समाधान अधिकारियों की ओर से न करने सहित कई समस्याओं को प्रमुखता से कमिश्नर के सामने रखा। कमिश्नर ने अधिकारियों को उद्यमियों का उत्पीड़न बंद कर समस्याओं का तुरंत समाधान करने का निर्देश दिया।
कमिश्नरी सभागार में हुई बैठक में उद्यमियों ने एग्रो पार्क में सुंदरीकरण न किए जाने, पेयजल आपूर्ति के न होने के साथ ही प्रशासनिक भवन बनने के बाद यहां किसी तरह का कामकाज न होने सहित कई शिकायत की। साथ ही यह भी कहा कि ईटीपी लगाने के नाम पर न केवल प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है, बल्कि कार्रवाई की चेतावनी भी बार-बार दी जा रही है।
करखियांव उद्यमी संघ के अध्यक्ष मनोज मद्धेशिया ने बताया कि समस्याओं का समाधान न होने की वजह से उद्योग संचालन में भी असुविधा हो रही है। इस दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने अधिकारियों को किसी तरह की लापरवाही न बरतने का निर्देश देते हुए तत्काल समस्या समाधान करने को कहा। उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कालिका सिंह, यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष नाथ के साथ ही कमल अग्रवाल, शुभम अग्रवाल सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।
छह इकाईयां बंद, 12 को मिला था नोटिस
करखियांव औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य फैक्ट्रियों की ओर से प्रदूषण फैलाने की शिकायत लगातार की जा रही थी। इस पर पिछले माह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग को शिकायतों का निस्तारण करने को कहा था। इसके बाद प्रदूषण विभाग ने औद्योगिक इकाईयों की जांचकर करीब छह इकाईयों को बंद करने और लगभग 12 फैक्ट्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ उद्यमियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री बंद करके दूसरे राज्यों में उद्योग लगाने की घोषणा की थी।