पुलिस की तफ्तीश में युसूफ द्वारा मेंटेन किए गए रजिस्टर में अगस्त से अक्तूबर के बीच हाता में 139 बड़े वाहन लाए गए, जिन्हें काट और खोलकर उनके पार्ट्स बेचा गया है। इंस्पेक्टर जैतपुरा शशिभूषण राय ने बताया कि युसूफ के पास से बरामद रजिस्टर के साथ ही उसके हाता में खड़े वाहन पार्ट्स को पुलिस ने जब्त किया है।
चोरी के वाहनों को काटकर बेचने मामले में छह लोगों के खिलाफ जैतपुरा पुलिस ने नामजद मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन उनका हालपता पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। पुलिस की पूछताछ में यूसुफ ने बताया कि उसके बारे में आसपास के साथ ही दूरदराज के लोग भी वाहन कटवाने और उसे खोलकर अलग-अलग भाग में बेचने के लिए लाते हैं। वाहन लाने वालों का नाम, गाड़ी के कागजात और वाहन संख्या नंबर को रजिस्टर में दर्ज किया जाता है, लेकिन इस मामले में नामजद आरोपी लक्ष्मी सिंह, बिहारी चाचा, संजय यादव, विक्रम कन्हैया लाल, लकी सरदार और अशोक सिंह कहां के रहने वाले हैं इसका पता पुलिस को नहीं लग सका है।
चौकाघाट की कबाड़ मंडी में सिर्फ बनारस ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में चोरी के ट्रक काटकर बेचे जाते हैं। इस सिंडिकेट को संचालित कराने वाले बिहार और झारखंड तक से ट्रक खींच लाते हैं। वहीं इंश्योरेंस कंपनियों के एजेंट और परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारी भी इस खेल में शामिल हैं।
इसकी भनक जैतपुरा पुलिस को भी थी, लेकिन जब चेतगंज एसीपी ने कार्रवाई की कमान संभाली तब जैतपुरा पुलिस हरकत में आई। थाने को भी मोटी रकम दी जाती थी। यह धंधा वर्षों से चल रहा था। जैतपुरा पुलिस अब तक क्या कर रही थी, यह सब भी उच्चाधिकारी जांच रिपोर्ट में शामिल किए हुए हैं। जैतपुरा थाने के इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों तक पर गाज गिर सकती है।