वाराणसी में मदर्स डे पर जहां एक और लोग मां की बातें करते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी बच्चे हैं जो अपनी मां के लिए हर कुछ कर गुजरने को तैयार हैं। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने हौसला नहीं खोया। पहड़िया के कारोबारी बृजेश चंद्र पांडे और उनके बड़े भाई डॉ. अखिलेश पांडे ने मिलकर अपनी मां को कोरोना के जंग में जीत दिलाई। मां मंजूलता पांडे तकरीबन 20 दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गईं थीं।
शहर की हालात को देखते हुए बेटे मां को हॉस्पिटल नहीं ले जाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने घर के एक कमरे को भी आईसीयू के रूप में तब्दील कर दिया। शुरुआती दिनों में ऑक्सीजन लेवल नीचे जा रहा था। फिर धीरे-धीरे मां के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 14 दिन का समय बीत गया, अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। बृजेश ने कहा कि मां का कर्ज जीवन में कोई नहीं उतार सकता है। हम लोगों ने प्रयास मात्र किया था बाकी बाबा विश्वनाथ की कृपा से मां ठीक हैं।