सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में यह मामला छपने के बाद बुजुर्ग महिला के परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। उसे बीमार हालत में अस्पताल में छोड़कर भाग गए थे। मंत्री असीम अरुण ने इस मामले को संज्ञान में लिया है।
Varanasi News: आजमगढ़ की 70 साल की गुलछटी देवी के परिजनों ने उन्हें बीमार हालत में अस्पताल में छोड़ दिया। खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण विभाग असीम अरुण ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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मंत्री असीम अरुण ने कहा कि जिनका कोई नहीं होता उनका समाज कल्याण विभाग होता है। वाराणसी मंडल के अधिकारियों को बुजुर्ग महिला की मदद और देखरेख के निर्देश दिए। वाराणसी मंडल उप निदेशक समाज कल्याण डॉ. मंजू श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दूबे और जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) डॉ. ऐश्वर्य राजलक्ष्मी तत्काल मंडलीय चिकित्सालय पहुंचे।
उन्होंने गुलछटी देवी से मिलकर हालचाल जाना और उपचार की स्थिति की समीक्षा की। डॉक्टरों ने बताया कि बुजुर्ग की तबीयत स्थिर है। जांच में पता चला कि गुलछटी देवी को वृद्धावस्था पेंशन मिलता है। आजमगढ़ के सब्जी मंडी बलईसा क्षेत्र की निवासी हैं।
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समाज कल्याण विभाग उन्हें वृद्धाश्रम में ले जाने की तैयारी कर रहा था, तभी पोते सुनील कुमार मौर्य अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि अब से उनकी देखभाल की जिम्मेदारी वह उठाएंगे। पोता उन्हें विभागीय औपचारिकताओं के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर आजमगढ़ ले गया।