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स्मॉग की चादर से ढंका बनारस: आंखों में जलन और ड्राई आई की हो सकती है समस्या, शहर में जाम के कारण बढ़ा प्रदूषण

Sun, 21 Nov 2021 01:34 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बनारस की हवा दीपावली से लगातार खराब चल रही है। शनिवार को  शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 238 दर्ज किया गया। हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शहर में लगने वाले जाम को माना जा रहा है। 
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स्मॉग की चादर से ढंका बनारस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस की हवा दीपावली से लगातार खराब चल रही है। हालत यह हो गई है कि चिकित्सकों ने अब घर से बाहर निकलने वालों को मुंह ढंककर निकलने की सलाह दी है। शनिवार की भोर से ही दिल्ली की तरह बनारस के आसमान पर स्मॉग छायी रही। नम पछुआ हवाओं के साथ स्मॉग तेजी से पूर्वांचल की ओर बढ़ रहा है। 
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अर्दली बाजार, भेलूपुर, इंग्लिशिया लाइन की हवा में नाइट्रोजन व कार्बन की मात्रा सबसे अधिक रही। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 238 दर्ज किया गया। हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शहर में लगने वाले जाम को माना जा रहा है।

बीएचयू के नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक मिश्रा ने बताया कि हवा में प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और ड्राई आई की समस्या हो सकती है। ऐसे में बाहर निकलते समय चश्मा जरूर लगाएं और बाहर से आने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धुलें। आंखों में समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
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शहर में चार गुना है पीएम 2.5
पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 एमजीसीएम होता है, लेकिन बनारस में यह चार गुना से अधिक हो चुका है। यह सबसे छोटे वायु कण होते हैं जो हवा के जरिए आसानी से शरीर के अंदर चले जाते हैं। इसके कारण फेफड़े प्रभावित हो सकते हैं। यह कण डीजल वाहनों से कार्बन कणों के साथ निकलते हैं। 

मास्क का करें नियमित इस्तेमाल

आईएमए के सचिव डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने के कारण घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। हवा में बढ़े धूल के कणों के कारण खांसी-जुकाम व एलर्जी की समस्या हो सकती है। अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 80 फीसदी तक नाइट्रोजन आक्साइड की वजह वाहनों में जलने वाला ईंधन होता है। इसके कारण रेस्पिरेटरी सिस्टम पर असर पड़ सकता है। 

कराया जा रहा पानी का छिड़काव

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम के सहयोग से प्रदूषित इलाकों में पानी का छिड़काव सुबह और शाम कराने के निर्देश दिए गए हैं। 
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वाराणसी शहर के इन हिस्सों का एक्यूवाई

अर्दली बाजार का एक्यूआई सबसे अधिक 248, मलदहिया का 246, भेलूपुर का 235 और बीएचयू का 225 दर्ज किया गया। मलदहिया में पीएम 2.5 कणों की अधिकतम मात्रा 392, कार्बन की मात्रा 117, नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 94 रही। अर्दली बाजार में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 360, पीएम 10 की मात्रा 318, कार्बन की मात्रा 56, और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 116 दर्ज की गई। भेलूपुर में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 335, पीएम 10 की मात्रा 232, कार्बन की मात्रा 126, और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 96 रही।

बीएचयू में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 323, पीएम 10 की मात्रा 176, नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 32, और कार्बन की मात्रा 87 रही। बुधवार को एक्यूआई 216, बृहस्पतिवार को बनारस का एक्यूआई 240 और शुक्रवार को 285 तक पहुुंच गया था। 
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