आईएमए के सचिव डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने के कारण घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। हवा में बढ़े धूल के कणों के कारण खांसी-जुकाम व एलर्जी की समस्या हो सकती है। अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 80 फीसदी तक नाइट्रोजन आक्साइड की वजह वाहनों में जलने वाला ईंधन होता है। इसके कारण रेस्पिरेटरी सिस्टम पर असर पड़ सकता है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम के सहयोग से प्रदूषित इलाकों में पानी का छिड़काव सुबह और शाम कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अर्दली बाजार का एक्यूआई सबसे अधिक 248, मलदहिया का 246, भेलूपुर का 235 और बीएचयू का 225 दर्ज किया गया। मलदहिया में पीएम 2.5 कणों की अधिकतम मात्रा 392, कार्बन की मात्रा 117, नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 94 रही। अर्दली बाजार में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 360, पीएम 10 की मात्रा 318, कार्बन की मात्रा 56, और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 116 दर्ज की गई। भेलूपुर में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 335, पीएम 10 की मात्रा 232, कार्बन की मात्रा 126, और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 96 रही।
बीएचयू में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 323, पीएम 10 की मात्रा 176, नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 32, और कार्बन की मात्रा 87 रही। बुधवार को एक्यूआई 216, बृहस्पतिवार को बनारस का एक्यूआई 240 और शुक्रवार को 285 तक पहुुंच गया था।