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Sharad Purnima 2021: शरद पूर्णिमा पर आसमान से आज बरसेगा अमृत, जानिए पूजन का शुभ मुहूर्त, व्रत और नियम

Tue, 19 Oct 2021 09:39 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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शरद पूर्णिमा - फोटो : self
शरद पूर्णिमा पर आसमान से अमृत बरसेगा और सर्वाथ सिद्धि व लक्ष्मी योग में चंद्रोदय होगा। मान्यता है कि इस दिन आकाश से अमृत वर्षा होती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इस बार यह पूर्णिमा तिथि आज यानि 19 अक्तूबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन से सर्दियों का आरंभ हो जाता है। शरद पूर्णिमा का दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे खास माना जाता है।

इसके साथ ही इस दिन चंद्र पूजा भी की जाती है। माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान शरद पूर्णिमा पर ही देवी लक्ष्मी प्रकट हुईं थीं। इसलिए इसे लक्ष्मीजी के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शरद पूर्णिमा पर काशी में खीर बनाकर चंद्र देव और मां लक्ष्मी को अर्पित करने का महात्मय है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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शरद पूर्णिमा 2021 - फोटो : सोशल मीडिया।
काशी के ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि पूर्णिमा तिथि का आरंभ 19 अक्तूबर को शाम सात बजे से होगा। पूर्णिमा तिथि का समापन  20 अक्तूबर को रात आठ बजकर 20 मिनट पर होगा।

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शरद पूर्णिमा - फोटो : SELF
साथ ही इस बार शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय सर्वार्थसिद्धि और लक्ष्मी योग में हो रहा है, जिससे इस दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व रहेगा। शरद पूर्णिमा पर दिवंगत आत्माओं की याद में धर्म की नगरी काशी में आकाशदीप जलाने की परंपरा है।

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शुभ शरद पूर्णिमा - फोटो : अमर उजाला
देशभर के महत्वपूर्ण पंचांगों के मुताबिक अश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि 19 अक्तूबर को शाम से शुरू हो जाएगी और रातभर पूर्णिमा तिथि रहेगी। इसलिए मंगलवार की रात को शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। 
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शरद पूर्णिमा विशेष
 पूर्णिमा तिथि अगले दिन यानी 20 अक्तूबर को पूरे दिन रहेगी और रात को खत्म हो जाएगी। इसलिए बुधवार को पूर्णिमा व्रत, पूजा, तीर्थ स्नान और दान किया जाना चाहिए। 
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पूजन विधि

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लक्ष्मी पूजन
लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं और इस स्थान को गंगाजल से पवित्र कर लें। इस चौकी पर अब मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें और लाल चुनरी पहनाएं। इसके साथ ही धूप, दीप, नैवेद्य और सुपारी आदि अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा करते हुए लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। 
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sharad purnima 2020 - फोटो : sharad purnima 2020
उसके बाद शाम को भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी पर घी का दीपक जलाएं। इसके साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य दें। उसके बाद चावल और गाय के दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें। कुछ घंटों के लिए खीर रखने के बाद उसका भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में पूरे परिवार को खिलाएं।
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