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कांस्टेबल ने खुद को मारी पांच गोलियां: डायबिटीज से ग्रसित सिपाही ने बैरक में उठाया खौफनाक कदम, वाराणसी पुलिस लाइन में लगातार तीसरी आत्महत्या

Mon, 18 Oct 2021 01:25 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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चारपाई पर पड़ा सिपाही, मौके पर मौजूद पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में पुलिस लाइन के बैरक में रविवार को हेड कांस्टेबल अनिल राय(50) ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। डायबिटीज बीमारी से ग्रसित सिपाही ने कारबाइन से बर्स्ट फायर करते हुए जान दी। कारबाइन से पेट में एक ही जगह पर पांच गोली मारी। फोल्डिंग चारपाई पर गंजी और लूंगी में लहूलुहान हाल में सिपाही के पास किसी तरह का कोई सुसाइड नोट पुलिस को बरामद नहीं हुआ। कैंट पुलिस और फोरेंसिक टीम ने छानबीन करते हुए शव को कब्जे में लिया। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय, एसपी ग्रामीण और अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

जौनपुर के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुंडी निवासी स्वर्गीय हरिकेश राय का पुत्र अनिल राय वाराणसी ग्रामीण पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात था और पुलिस लाइन के तीसरे तल स्थित बैरक में रह रहा था। सुबह बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु सिंह की ड्यूटी पर गया और सर्किट हाउस से ड्यूटी समाप्त होने के बाद दोपहर बाद साढ़े तीन बजे के बाद पुलिस लाइन के बैरक में लौटा। देखें अगली स्लाइड्स...

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अनिल राय। - फोटो : अमर उजाला
बैरक लौटने पर अनिल राय ने अपनी सरकारी कारबाइन को जमा नहीं किया। बैरक के अंदर फोल्डिंग चारपाई पर कुछ देर बैठने के बाद बनियान और लूंगी पहने अनिल राय ने कारबाइन से बर्स्ट फायर कर दिया। एक बार में ही कारबाइन की पांच गोली पेट से आरपार हो गईं।

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आत्महत्या मामले की जांच करने के बाद बैरक से बाहर निकलते अपर पुलिस आयुक्त सुभाष चंद्र दूबे व डीसीपी वरुणा विक्रांतवीर सहित अन्य पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। घटनास्थल पर ही सिपाही की मौत हो गई। मौके पर कैंट पुलिस और फोरेंसिक टीम ने छानबीन करते हुए साक्ष्य संकलन किया। साथी पुलिस कर्मियों के अनुसार संभवत: डायबिटीज बीमारी से ग्रसित होकर अनिल राय ने जान दी। पिछले कई दिनों से बीमारी को लेकर तनाव में चल रहा था।

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सूचना पाकर अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय सुभाष चंद्र दुबे, डीसीपी वरुणा और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। जौनपुर निवासी परिजनों को सूचना दी गई। शाम में बड़ा बेटा शिवम और अन्य परिजन बदहवाश हाल में बनारस पहुंचे। इस संबंध में अपर पुलिस आयुक्त सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि अनिल 1991 बैच का सिपाही था, दो दिनों से इसकी ड्यूटी एक मंत्री की सुरक्षा में लगाई गई थी। कारबाइन में लोड पांच गोली पेट के आरपार हो गई। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।

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बक्से से बरामद हुई 65 गोलियां 
सशस्त्र पुलिस बल में तैनात अनिल राय के बक्से की तलाशी ली गई तो 65 गोलियां बरामद हुईं। इसके अलावा मोबाइल को भी जब्त करते हुए पुलिस जांच कर रही है। पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ने वाले शिवम और ग्रेजुएशन करने वाले प्रियांशु दो बेटे हैं। पत्नी साधना और मां घर पर है।
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पुलिस लाइन में लगातार तीसरी आत्महत्या 

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मानसिक दबाव और परिस्थितियों से जूझते हुए सिपाही आत्महत्या कर रहे हैं। अनिल राय की आत्महत्या से पहले पुलिस लाइन में दो और सिपाही आत्महत्या कर चुके हैं। 21 सितंबर को पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल बब्बन राम ने बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी थी। बलिया निवासी बब्बन की आत्महत्या से पहले पंचायत चुनावी ड्यूटी के दौरान 26 अप्रैल 2021 को पुलिस लाइन के सिपाही विनोद कुमार ने चौकाघाट स्थित रोडवेज बस में रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया था। विनोद सोनभद्र का निवासी था।

दरोगा की बहू ने सरकारी क्वार्टर में आग लगाकर दी थी जान 
हफ्ते भर पूर्व पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में दरोगा चंद्र देव राम की बहू ने नौ अक्तूबर को सास से विवाद के बाद आग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में दरोगा पुत्र जितेंद्र को पुलिस ने दो दिन बाद गिरफ्तार किया था।
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