दुर्गाघाट के शाही नाले की मरम्मत में खतरे को देखते हुए रोबोटिक कैमरे की मदद ली जाएगी। इसके जरिये नाले में अंदर लोहे की पाइप डाली जाएगी। बारिश के समय यहां मिट्टी दबने के खतरे को देखते हुए काम बंद किया गया था। जलकल विभाग ने तीन दिनों के भीतर काम शुरू करने की तैयारी की है। छोटे-छोटे लोहे के पाइपों को ट्रॉली के सहारे दुर्गाघाट पहुंचाया जाएगा।
इस वजह से लिया गया मैनुअल सफाई का फैसला
जाम हो चुके शाही नाले की सफाई के लिए दुर्गाघाट के पास आठ भवन खाली कराए गए थे। नाले पर बने भवनों से सफाई के दौरान गिरने का खतरा था। इन भवनों के आसपास के मोहल्लों में सीवर की समस्या है। सफाई के लिए सारे प्रयास फेल हो चुके हैं। इसके बाद फैसला लिया गया कि मैनुअल इसकी सफाई कराई जाएगी।
नाले के अंदर कुछ भाग काफी खतरनाक है। इस नाते रोबोटिक कैमरों का सहारा लिया जाएगा। इससे अंदर की तस्वीर के आधार पर काम शुरू कराया जाएगा। पूर्व में नाले के अंदर कुछ दूर जाकर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाले के ऊपर रखी पटिया टूट चुकी है। इन भवनों के नींव की मिट्टी और ईंट आदि गिरने से नाला जाम हो चुका हैं।