वाराणसी जिले के कई इलाकों में सीवर की समस्या से लोग परेशान हैं। विश्वनाथ धाम वाली गलियों में भी सीवर का गंदा पानी बह रहा है। ऐसे में काशीवासी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं।
जुलाई माह में बीते 14 दिनों के भीतर शहर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 6 बैठकें, 6 निरीक्षण और 4 जनसुनवाई की। इन सभी बैठकों, निरीक्षण और जनसुनवाई में सीवर समस्या ही प्रधान रही। जिस पर चर्चा करके सीवर समस्या दूर करने पर जोर दिया गया। बावजूद इसके समस्या दूर नहीं होने से काशीवासी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं।
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शहर की सबसे बड़ी समस्या इस समय सीवर है। 100 वार्डों में शायद ही कोई मोहल्ला ऐसा होगा जहां सीवर समस्या न हो। इनके निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम से लेकर तमाम प्लेटफॉर्म पर शिकायतें की जा रही हैं। हर महीने 550 शिकायतों में से 312 शिकायतें सीवर से जुड़ी हैं। निस्तारण के नाम पर फौरी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। जलकल के अधिकारी भी केवल निस्तारण का भरोसा जता रहे हैं लेकिन समस्या दूर नहीं कर पा रहे हैं।
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बीते 13 जुलाई बैठक कर सीवर समस्या दूर करने की हिदायत दी। राज्यमंत्री ने 12 जुलाई को पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के निरीक्षण के दौरान सीवर समस्या दूर करने को कहा। इसी प्रकार 11 जुलाई को पीएम के संसदीय कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान भी सीवर समस्या दूर करने का निर्देश दिया।
10 जुलाई को शांति समिति की बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने मुहर्रम पर निकलने वाले जुलूस मार्ग से सीवर समस्या दूर करने की हिदायत मातहतों को दी। 9 जुलाई को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बैठक में अधिकारियों को सीवर समस्या दूर करने की हिदायत दी।
8 जुलाई को सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बैठक के माध्यम से सीवर वाले स्थानों पर एंटी लार्वा छिड़काव कराने को कहा। 7 जुलाई को डीएम एस राजलिंगम ने सीवर समस्या दूर करने को कहा। 6 जुलाई को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम एस राजलिंगम ने समस्याओं को दूर करने की हिदायत दी। 01 जुलाई को बाढ़ सुरक्षा के कार्यों का निरीक्षण डीएम ने किया था। इस दौरान भी सीवर ओवरफ्लो से दूर करने के संबंध में निर्देश दिए।
01 जुलाई को शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अधिकारियों को संचारी रोगों को ध्यान में रखकर सीवर समस्या दूर करने को कहा। 12 जुलाई को मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने पंचक्रोशी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवर समस्या दूर करने पर जोर दिया गया। 10 जुलाई को घाट किनारे इलाकों का नगर आयुक्त ने निरीक्षण किया। 6 जुलाई को रथयात्रा मेला क्षेत्र नगर आयुक्त निरीक्षण कर सीवर से जुड़ी समस्या दूर करने को कहा था। 2 और 9 जुलाई को नगर निगम में हुई संभव जनसुनवाई में भी सीवर से जुड़ी समस्याएं आईं।
दूसरे विभागों पर दोषारोपण का चल रहा खेल
बैठकों में जब सीवर समस्या आती है तो जलकल के अधिकारी पीडब्ल्यूडी पर जिम्मेदारी डालते हैं। पीडब्ल्यूडी के लोग नगर निगम पर और नगर निगम सड़क खोदने वाली कार्यदायी एजेंसियों पर ठीकरा फोड़ रही है। कुल मिलाकर सभी विभाग एक दूसरे पर दोषारोपण करने का खेल खेल रहे हैं। इसके चक्कर में आम जनता पिस रही है।
सिंधोरिया कॉलोनी के लोग कई साल से सीवर समस्या से परेशान
सिंधोरिया कॉलोनी में बीते कई महीनों से सीवर की समस्या है। लोग शिकायत करते करते थक गए हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। यहां पर दो तीन अवैध पशुओं के दूध का कारोबार करने वाले हैं। जो लगातार सीवर लाइन में गोबर बहा रहे हैं। इसके चलते सीवर लाइन पूरी जाम हो गई है।
विश्वनाथ मंदिर जाने वाली गलियां, शहर के पांच स्मार्ट वार्ड, पॉश इलाके सिगरा, महमूरगंज, रविंद्रपुरी, लंका, अर्दली बाजार, कचहरी, सरकारी दफ्तर, चेतगंज, लहुराबीर, मैदागिन, चौक, दारानगर, सोनारपुरा, भेलूपुर, नरिया, सुंदरपुर, भगवानपुर, मंडुवाडीह, नई सड़क, बेनियाबाग, औरंगाबाद, वरुणा पार, सारनाथ आदि क्षेत्रों में सीवर समस्या है।