शिवलिंग तक पहुंचा गंगा का पानी
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर रविवार को सुबह आठ बजे 60.10 मीटर था और यह चेतावनी बिंदु से 10 मीटर नीचे रहा। गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है। जलस्तर में बढ़ाव की मुख्य वजह बारिश और उससे उफनाई गंगा की सहायक नदियां हैं। इसके कारण गंगा में जलकुंभी और गंदगी बहकर आ रही है जो घाटों के किनारे नजर आ रही है। पानी का रंग भी मटमैला हो गया है।
गंगा का जलस्तर शनिवार को रात आठ बजे तक 59.18 मीटर था। रात में बढ़ाव की रफ्तार दिन की अपेक्षा तीन गुनी हो गई जिसके चलते रविवार को सुबह आठ बजे तक जलस्तर 60.10 मीटर दर्ज किया गया। रात से लेकर सुबह तक प्रति घंटे 7.6 सेंटीमीटर की गति से वाटर लेवल 92 सेंटीमीटर ऊपर चढ़ा। शनिवार को ही सुबह आठ बजे जलस्तर 58.87 मीटर था जिसमें अगले 24 घंटों में एक मीटर 23 सेंटीमीटर बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोग के अनुसार अभी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के संकेत हैं।
कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। रविवार को जलस्तर 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़कर 60.01 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से लगभग 10 मीटर नीचे है। फिर भी निगरानी बढ़ा गई है। गंगा का जलस्तर स्थिर था। शनिवार को मामूली वृद्धि हो रही थी। हालांकि रविवार को पानी बढ़ने की रफ्तार तेज हो गई।