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UP: पहाड़ों पर हो रही बारिश का काशी की गंगा पर असर, घाटों पर डूबे आरती स्थल; 24 घंटे में 1.25 मीटर बढ़ा जलस्तर

Mon, 15 Jul 2024 10:48 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर यूपी की नदियों पर पड़ रहा है। इसी क्रम में काशी में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। 24 घंटे में 1.25 मीटर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।   
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शीतला घाट पर गंगा के पानी में डूबा आरती स्थल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ाव तेज हो गया है। रविवार की देर शाम प्राचीन दशाश्वमेध घाट का आरती स्थल पानी में डूब गया। वहीं घाट की मढ़ियों के साथ ही रत्नेश्वर महादेव का मंदिर भी पानी में जलमग्न हो गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 60.44 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के जलस्तर में 100 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है।

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रविवार को सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 60.10 मीटर दर्ज किया गया और जलस्तर में 100 मिलीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था। दोपहर 12 बजे जलस्तर में 80 मिलीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव शुरू हो गया और जलस्तर 60.44 मीटर पर पहुंच गया। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव से तटवर्ती क्षेत्रों में लोग चौकन्ना हो गए हैं। 

बढ़ाव के कारण दशाश्वमेध घाट (शीतला मंदिर) पर बने पक्के आरती स्थल जलमग्न हो गए और सुबह से रात तक करीब घाट की आठ सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। ललिता घाट का रैंप पूरी तरह से पानी में डूब गया और ऊपर प्लेटफॉर्म पर पानी लहराने लगा। इसके आगे मणिकर्णिका घाट के आगे गंगा की तलहटी में बना रत्नेश्वर महादेव का मंदिर भी पानी में डूब गया है।

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चेतावनी बिंदु से लगभग 10 मीटर नीचे है गंगा का जलस्तर

शिवलिंग तक पहुंचा गंगा का पानी - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर रविवार को सुबह आठ बजे 60.10 मीटर था और यह चेतावनी बिंदु से 10 मीटर नीचे रहा। गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है। जलस्तर में बढ़ाव की मुख्य वजह बारिश और उससे उफनाई गंगा की सहायक नदियां हैं। इसके कारण गंगा में जलकुंभी और गंदगी बहकर आ रही है जो घाटों के किनारे नजर आ रही है। पानी का रंग भी मटमैला हो गया है। 

गंगा का जलस्तर शनिवार को रात आठ बजे तक 59.18 मीटर था। रात में बढ़ाव की रफ्तार दिन की अपेक्षा तीन गुनी हो गई जिसके चलते रविवार को सुबह आठ बजे तक जलस्तर 60.10 मीटर दर्ज किया गया। रात से लेकर सुबह तक प्रति घंटे 7.6 सेंटीमीटर की गति से वाटर लेवल 92 सेंटीमीटर ऊपर चढ़ा। शनिवार को ही सुबह आठ बजे जलस्तर 58.87 मीटर था जिसमें अगले 24 घंटों में एक मीटर 23 सेंटीमीटर बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोग के अनुसार अभी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के संकेत हैं।
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कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद गंगा के जलस्तर में शुरू हुई वृद्धि

कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। रविवार को जलस्तर 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़कर 60.01 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से लगभग 10 मीटर नीचे है। फिर भी निगरानी बढ़ा गई है। गंगा का जलस्तर स्थिर था। शनिवार को मामूली वृद्धि हो रही थी। हालांकि रविवार को पानी बढ़ने की रफ्तार तेज हो गई।
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