पट्टा खत्म होने के बावजूद बेशकीमती सरकारी जमीन पर बनारस क्लब अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है, जो कतई उचित नहीं है। सरकारी जमीन का उपयोेग कचहरी परिसर के विस्तार सहित अन्य जनोपयोगी कार्यों में होना चाहिए। इतना ही नहीं, बनारस क्लब परिसर में नियमों की अनदेखी कर अवैध निर्माण किया गया। ध्वस्तीकरण का आदेश भी हुआ लेकिन वीडीए के अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। विधान परिषद में एमएलसी शतरुद्र प्रकाश द्वारा उठाए गए इन सवालों के आधार पर वाराणसी विकास प्राधिकरण से जवाब तलब किया गया है। जिस पर जल्द ही विधान परिषद की समिति सुनवाई करेगी।
एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने सोमवार को ‘अमर उजाला’ को बताया कि पट्टा अवधि खत्म हो जाने के बावजूद जिला मुख्यालय पर करोड़ों की सरकारी जमीन पर चंद रसूखदारों के क्लब का संचालन ठीक नहीं है। जमीन के संकट से जूझ रही कचहरी को यदि वह जमीन मिल जाए तो हजारों अधिवक्ताओं और वादकारियों की दिक्कतें दूर होंगी। कचहरी के सामने की पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। इसके साथ ही न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए भवन निर्माण के साथ ही अन्य जनोपयोगी काम किए जा सकते हैं। एमएलसी ने बताया कि पूरी उम्मीद है कि विधानपरिषद समिति इस प्रकरण में जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। उधर, इस बारे में वीडीए सचिव एमपी सिंह ने बताया कि बनारस क्लब परिसर में अवैध निर्माण के संबंध में शासन स्तर से जवाब मांगा गया है, जो मंगलवार को हर हाल में भेज दिया जाएगा।