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सोनभद्र जाने पर अड़ीं प्रियंका, हिरासत में लेकर चुनार गेस्ट हाउस में रखा गया, पूरी रात रुकेंगी यहीं

Fri, 19 Jul 2019 09:02 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
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चुनार गेस्ट हाउस में धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी। - फोटो : अमर उजाला
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गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र जाने के लिए अड़ गई हैं। सोनभद्र जाते समय उनका काफिला मिर्जापुर के नरायनपुर चौकी के पास रोक दिया गया था, जहां वह धरने पर बैठ गईं। धारा 144 लागू होने के कारण प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया और चुनार किला के गेस्ट हाउस में लाया गया। उनका कहना है कि वह अगर जाएंगी तो सोनभद्र जाएंगी, नहीं तो रात भर चुनार किले में ही रहेंगी। इसलिए शुक्रवार रात को वह गेस्ट हाउस में ही रुकेंगी।

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शाम 8 बजे करीब चुनार गेस्ट हाउस की बिजली चली जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर जान-बूझकर बिजली कटौती का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे प्रियंका गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करना चाहते हैं ताकि हम जगह छोड़ दें। लेकिन हम यहां रात मोमबत्तियों के साथ बिताएंगे और अपना विरोध जारी रखेंगे।

वहीं प्रियंका ने ट्विटर के जरिए यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है, मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूं। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है।
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उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है। प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सजा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’।

मैंने न कोई कानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है। बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने  आदिवासियों के गांव जाने को तैयार हूं या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूं। मगर इसके बावजूद उप्र सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है। जनता सब देख रही है। 

मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूं और इसे देने को तैयार नहीं हूं। मेरी साफ मांग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय। सरकार को जो उचित लगे वह करे। अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं।


















प्रियंका ने निजी मुचलके पर हस्ताक्षर से किया इंकार :
पुलिस ने प्रियंका गांधी, पूर्व विधायक अजय राय, ललितेशपति त्रिपाठी समेत दस लोगों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में धारा 151, 107/16 में कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों ने प्रियंका गांधी को निजी मुचलके पर रिहा करने के लिए उनसे कागजात पर हस्ताक्षर करने को कहा, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अगर वह निजी मुचलके पर हस्ताक्षर कर देती हैं और सोनभद्र जाने की मांग छोड़ देती हैं तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।





10 बजे वाराणसी पहुंची प्रियंका :
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 17 जुलाई को जमीनी विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए आज सुबह करीब साढ़े 10 बजे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाराणसी पहुंचीं। इसके बाद करीब 11 बजे वह बीएचयू के ट्रामा सेंटर अस्पताल गईं, जहां उन्होंने सोनभद्र हत्याकांड में गंभीर रूप से घायल लोगों से उनका हाल जाना।

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मिर्जापुर में हिरासत में ली गईं प्रियंका गांधी :
इसके बाद सोनभद्र जाने के लिए उनका काफिला रवाना हुआ लेकिन अदलहाट थाने की नरायनपुर चौकी के सामने बैरिकेडिंग लगाकर डीएम और एसएसपी वाराणसी की मौजूदगी में प्रियंका का काफिला रोक दिया गया। इससे नाराज वह नरायणपुर पुलिस चौकी के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि आखिरकार उन्हें सोनभद्र जाने से रोकने का क्या आधार है और किसका आदेश है? अधिकारियों ने उन्हें बताया कि सोनभद्र में धारा 144 लागू है, इस वजह से उन्हें रोका गया है।

इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इसके साथ ही कांग्रेसियों ने पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ नारेबाजी की। मिर्जापुर के डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि प्रियंका गांधी वाड्रा के सोनभद्र जाने पर शांतिभंग की आशंका थी। इसलिए उन्हें रोक कर चुनार किले के गेस्ट हाउस में रखा गया है।

पुलिस मुझसे अपहरणकर्ताओं जैसा व्यवहार कर रही :
मिर्जापुर जिले के चुनार एसडीएम प्रियंका को अपनी गाड़ी में बैठा कर चुनार ले गए। वहीं अजय राय को सीओ चुनार अपनी गाड़ी में बैठा कर ले गए। प्रियंका गांधी और अजय राय को चुनार किले के गेस्ट हाउस ले जाया गया। वहीं प्रियंका ने कहा कि पुलिस ने किस आधार पर हिरासत में लिया है, ये नहीं बता रही है। पुलिस मुझसे अपहरणकर्ताओं जैसा व्यवहार कर रही है।

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गेस्ट हाउस में धरने पर बैठीं प्रियंका :
प्रियंका गांधी वाड्रा चुनार गेस्ट हाउस में धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि मैं सोनभद्र जरूर जाऊंगी और जमीन विवाद को लेकर गोलीबारी में मारे गए 10 लोगों के परिजनों से मुलाकात करुंगी। वहीं चुनार किले गेस्ट हाउस में मिर्जापुर के डीएम और एसपी प्रियंका गांधी से बातचीत कर रहे हैं। वह प्रियंका को वापस वाराणसी भेजना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन धारा 144 के उल्लंघन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, पूर्व विधायक अजय राय, ललितेशपति त्रिपाठी समेत 10 लोगों के खिलाफ शांति भंग करने पर कार्रवाई करेगी।

रोके जाने पर बोलीं प्रियंका गांधी :
काफिला रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वह बस सोनभद्र फायरिंग मामले में पीड़ितों के परिवारवालों से मिलना चाहती हैं। बताया कि साथ में केवल 4 लोग ही जाएंगे। फिर भी प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। इस पर प्रियंका गांधी ने सवाल किया हमें बताना चाहिए कि हमें क्यों रोका जा रहा है? हम यहां शांति से बैठे रहेंगे।

राहुल गांधी ने किया ट्वीट :
प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा कि प्रियंका को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार कर परेशान किया जा रहा है। उभ्भा गांव में 10 लोगों को जमीन खाली कराने के लिए क्रूरता से गोलियां चलाकार मारे गए लोगों से मिलने जाने पर प्रियंका का रोका जाना, सरकार की मनमानी और इससे भाजपा सरकार में यूपी में बढ़ती असुरक्षा का खुलासा करती है।

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कई पुलिसकर्मी और अधिकारी निलंबित :
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा मामले में सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सीएम एसडीएम घोरावल, सीओ घोरावल, एसओ घोरावल सहित हल्का और बीट के सभी सिपाही निंलबित कर दिए गए हैं। साथ ही इस जमीनी विवाद की जांच अपर मुख्य सचिव राजस्व को सौंप दी है।

सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर हुई गोलीबारी के बाद खुफिया एजेंसी से जिला प्रशासन को इनपुट मिला है, कि कुछ नेता घटनास्थल पर पहुंचकर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले हैं। इसको देखते हुए डीएम ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है।

डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर धारा 144 लागू की गई है। किसी नेता को घटनास्थल पर नहीं जाने दिया जाएगा। एसपी सलमान ताज पाटिल ने कहा कि जिले से सटे जिलों और प्रदेश के बॉर्डर पर फोर्स अलर्ट कर दी गई है। वाहनों की चेकिंग की जा रही है।

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मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये :
सोनभद्र में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदनाए व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए गए कि घायलों को पूरा इलाज सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेने और दोषियों को गिरफ्तार करके प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा आयुक्त विन्ध्याचल मंडल, मीरजापुर व अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन को संयुक्त रूप से घटना की जांच करने के लिए नामित किया गया है। साथ ही 24 घंटे में जांच की आख्या प्रस्तुत करने के लिए निदेर्शित किया गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को बताया जिम्मेदार :
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र में भूमि विवाद की घटना मारे गए 10 लोगों के बारे बात करते हुए कहा कि इस घटना की नींव 1955 में रखी गई थी। तब तत्कालीन तहसीलदार ने गैरकानूनी तरीके से ग्राम समाज की जमीन को आदर्श सहकारी समिति के नाम पर दर्ज किया। सीएम योगी ने कहा कि उस समय कांग्रेस की सरकार थी। इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि 1955 से 1989 तक यह जमीन आदर्श सोसायटी के नाम पर थी। 1989 में इस जमीन को एक व्यक्ति के नाम पर चढ़ा दिया। आदर्श सोसायटी के नाम जमीन रहने पर भी यहां आदिवासी खेती करते थे और कुछ लगान सोसायटी को देते थे। जिन लोगों ने इस जमीन को अपने नाम किया था, वे इस जमीन पर कब्जा नहीं कर पाए।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 1989 में इसे दूसरे को बेच दिया। वनवासी इस जमीन पर खेती करते रहे। इस पूरे प्रकरण की तह में जाएं तो 1955 में कांग्रेस की सरकार के दौरान स्था नीय लोगों की जमीन को हड़पने के लिए ग्राम समाज की जमीन को आदर्श सोसायटी के नाम पर दिया गया। इस जमीन को बाद में 1989 में बिहार के एक आईएएस के नाम पर कर दिया जो गलत था। उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी। सीएम योगी ने बताया कि बिहार के अधिकारी ने कब्जा नहीं कर पाने पर इस जमीन को वर्ष 2017 ग्राम प्रधान को बेच दिया। इस मामले कई मुकदमे चलते रहे। उन्होंषने कहा कि इस पूरे प्रकरण में 1955, 1989 और 2017 में हुई हर एक घटना की जांच जरूरी है।

प्रियंका गांधी ने सीएम पर साधा निशाना :
प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोजाना हत्याएं और महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि 1955 को क्यों दोष दे रहे हैं, मुख्यमंत्री तो आप हैं।
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यूपी विधानसभा में हंगामा :
विधान सभा में शुक्रवार को भी सोनभद्र मुद्दे पर हंगामें का महौल रहा। सदन शुरू होते ही, विपक्षियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सोनभद्र मामले की जांच कमेटी से कराई जाएगी। इस मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा, जबकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाएंगे।

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