माघी पूर्णिमा पर सीर गोवर्धन में प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को केंद्रीय खुफिया विभाग के अधिकारी संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन पहुंचे। तैयारियों की धीमी गति देखकर अफसरों ने कड़ी नाराजगी जताई।
खासतौर से प्रधानमंत्री के सभास्थल की भूमि को समतल करने का काम शुरू न होने और बबूल के पेड़ों की कटाई का काम न किए जाने पर अफसर नाराज थे। उन्होंने मंदिर के पुजारी बाबा मंदीप दास से भी बातचीत की। जानकारी ली कि तैयारियों में सुस्ती किन वजहों से है और कौन लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं।
केंद्रीय खुफिया विभाग के अफसरों की टीम दोपहर करीब 1:30 बजे सीर गोवर्धन पहुंची। अधिकारी सीधे सभास्थल पर पहुंचे। वहां अभी तक हैलीपैड निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने नाप-जोख तक नहीं की है। प्रस्तावित सभास्थल की जमीन पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और गंदगी भी फैली हुई है।
सभास्थल के पूर्वी तरफ जिधर पीएम के हेलीकाप्टर उतरेंगे, वहां बबूल के पेड़ों की सघन झाड़ियां हैं, उन्हें भी अभी काटने और सफाई करने का काम शुरू नहीं किया गया है। खुफिया विभाग के अधिकारियों ने इस तरह की उदासीनता पर रविदास मंदिर के पुजारी मंदीप दास से मिलकर नाराजगी जताई।
अफसरों ने पुजारी से पूछा कि सभास्थल का समतलीकरण किसको कराना है। उन्होंने बताया कि यह काम मंदिर प्रबंधन को नहीं बल्कि नगर निगम को कराना है। इस बारे में निगम के अधिकारियों से बात की जा रही है।
खुफिया विभाग के अफसरों का कहना था कि तीन हेलीकाप्टर सभास्थल के पास उतरेंगे लेकिन अभी बबूल के पेड़ों को भी काटने का काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे अब किसी तरह की ढिलाई या लेट लतीफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। अफसरों ने पुजारी से समारोह को लेकर आने वाले अवरोधों के बारे में भी जानकारी ली।