एससीओ समन्वय समिति की बैठक मंगलवार को नदेसर स्थित एक होटल में हुई। इसमें संस्कृति, पर्यटन के साथ ही व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा की गई। भारत की अध्यक्षता वाले समन्वय समिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए छह देशों ( रूस, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान) के प्रतिनिधि वाराणसी आए हैं।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच पर्यटन व संस्कृति के साथ व्यापार का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इस पर मंगलवार को भारत सहित आठ देशों के प्रतिनिधियों ने चर्चा भी की और कहा कि सभी देश एक दूसरे के हित में काम करेंगे। देर शाम प्रतिनिधि नमो घाट गए, फिर क्रूज पर सवार होकर गंगा आरती देखी।
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एससीओ समन्वय समिति की बैठक मंगलवार को नदेसर स्थित एक होटल में हुई। इसमें संस्कृति, पर्यटन के साथ ही व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा की गई। भारत की अध्यक्षता वाले समन्वय समिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए छह देशों ( रूस, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान) के प्रतिनिधि वाराणसी आए हैं। चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन ही बैठक में हिस्सा लिया। सभी देशों की सांस्कृतिक विविधता व कला क्षेत्र की समानताओं पर बात हुई। कहा गया कि वाराणसी सांस्कृतिक और पर्यटन की राजधानी है। प्रतिनिधि अगले तीन दिनों तक एक दूसरे के देशों में आसान आवागमन पर चर्चा करेंगे, फिर प्रस्ताव बनाएंगे। इस पर अगले शिखर सम्मेलन से पहले आधिकारिक फैसला भी लिया जाएगा। इसके बाद प्रतिनिधि नमो घाट से अस्सी घाट तक गए। 30 मिनट तक गंगा आरती देखी। इस दौरान गाइड ने पर्यटकों को काशी के घाटों और उससे जुड़ी संस्कृति की जानकारी दी।