संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री और आचार्य में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दाखिले होंगे। छात्र अब वेबसाइट पर ऑनलाइन फीस जमा कर दाखिला ले सकते हैं। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही अंतिम मुहर लगेगी। मंगलवार को कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की बैठक में काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक में शास्त्री और आचार्य की कक्षाओं में दाखिले के लिए ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन काउंसिलिंग कराने का निर्णय लिया गया। 60 से अधिक आवेदन वाले विषय साहित्य, व्याकरण और वेद में पहले मेरिट वाले छात्रों की सूची जारी की जाएगी। उन्हें फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कराने का मौका दिया जाएगा। सीट बचने पर दूसरी सूची ऑनलाइन जारी होगी। जिन पाठ्यक्रमों में आवेदन कम हैं वहां पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
तीन बार काउंसिलिंग प्रक्रिया स्थगित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। हॉस्टल के लिए ऑनलाइन आवेदन से वंचित छात्रों को भी एक मौका दिया जाएगा। जो छात्र आवेदन करने से छूट गए हैं वह प्रार्थना पत्र देकर आवंटन की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा समिति की बैठक में प्रमाण पत्रों, नाम और जन्मतिथि के संशोधन पर भी चर्चा हुई।