पूर्वांचल में वाराणसी सहित आसपास के जिलों में गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। तो वहीं कई जिलों में पानी अब घटने भी लगा है। लेकिन बलिया और गाजीपुर की हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। जिले के कई गांवों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को वहां पलायन करना पड़ा है। एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ पीढ़ितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं।
जिले के मुरली छपरा ब्लॉक के पांच से अधिक गांवों के 20 हजार की आबादी पूरी तरह बाढ़ के पानी में घिर गई है। गांवों के लोगों का आवागमन भी ठप हो गया है। इन गांवों के लोगों की नजर अब सरकारी राहत पर टिकी है। घाघरा नदी रविवार सुबह खतरा बिंदु पार कर गई। नदी लाल निशान 58 मीटर को पार कर 58.04 पर बहने लगी है। नदी अभी भी बढ़ाव पर है जिससे कई गावों के पानी से घिरने की आशंका है।
सुबाष यादव ने बताया कि बलिया जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 600 स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। उदय छपरा के उपाध्याय टोला में अचानक हुए भीषण कटान से चारों तरफ मची अफरा-तफरी मच गई। मौके पर एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला। इससे पूरे जनपद में एक बड़ी बाढ़ की स्थिति उभरती दिखाई दे रही है। प्रशासन भी सकते में हैं। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।