यहां गंगा गोमती संगम घाट व गंगा घाट पर लगाई गई जेटी लोगों को आकर्षित कर रही है। सैलानियों की आमद बढ़ने से रोजगार भी बढ़ रहा है। यहां सैलानियों के लिए मोटर बोट चलाने जाने की पहल जारी हो गई है। लाइटिंग, शौचालय, रैन बसेरा, पर्यटन गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं का निर्माण किया गया है।
गंगा-गोमती के तट पर बसा कैथी गांव मारकंडेय जी के नाम से विख्यात है। यह गर्ग, पराशर, शृंगी, उद्याल आदि ऋषियों की तपोस्थली है। मान्यता है कि इसी स्थान पर राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति के लिए शृंगी ऋषि ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था। इसके परिणाम स्वरूप राजा दशरथ को चार पुत्र राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघभन प्राप्त हुए थे। यही वह तपोस्थली है, जहां राजा रघु द्वारा ग्यारह बार हरिवंशपुराण का परायण करने पर उन्हें उत्तराधिकारी प्राप्त हुआ था। पुत्र कामना के लिए यह स्थल काफी दुर्लभ है।