छात्रों ने रामदेव को दी शास्त्रार्थ की चुनौती
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वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने बाबा रामदेव के बयान के विरोध में उनका पुतला दहन किया। छात्रों ने बाबा रामदेव को शास्त्रार्थ की खुली चुनौती भी दे डाली। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णमोहन शुक्ला के नेतृत्व में छात्रों ने बाबा रामदेव का पुतला दहन किया। छात्रों का कहना था कि संस्कृत वांग्मय के चक्षु कहे जाने वाले ज्योतिष शास्त्र पर बाबा रामदेव का बयान निंदनीय है। हम सनातनधर्मी शास्त्र की निंदा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। संस्कृत समाज की उपेक्षा हमारे लिए असहनीय है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मंच से हम बाबा रामदेव को शास्त्रार्थ की खुली चुनौती देते हैं। बाबा रामदेव शास्त्रार्थ कर अपनी बात को सिद्ध करें अन्यथा समस्त संस्कृत समाज से माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लें। इस दौरान महामंत्री शिवम चौबे, पुस्तकालय मंत्री आशुतोष मिश्र, प्रदीप पांडेय, रंजीत तिवारी, नरेंद्र मिश्र, सुधीर पांडेय, अतुल दुबे, ओपी राय, लालता मिश्र, निखिलेश पांडेय, दुर्गेश दुबे, हरिओम मिश्र मौजूद रहे।