मां गंगा के सहारे वाराणसी के चुनाव जीत कर केंद्र में सरकार बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्तूबर को अपने संसदीय क्षेत्र से प्रदेश के चुनावी समर में नई शुरुआत करेंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में उनका जादू सिर चढ़कर बोला था। इस बार ऊर्जा गंगा के सहारे उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की वैतरणी पार कराएंगे। भाजपा नेताओं का मानना है कि पूर्वांचल की विधानसभा सीटों की तस्वीर यहीं से तय होगी। इसके चलते विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार ‘शक्ति प्रदर्शन’ में जुट गए हैं। उनका प्रयास है कि 24 अक्टूबर को जब प्रधानमंत्री यहां होंगे तो ‘भीड़ तंत्र’ के जरिए ताकत का प्रदर्शन किया जाए। ऐसे भाजपा नेता जो टिकट के दावेदार हैं, वे भीड़ जुटाने की जतन कर रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो अगले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे में बड़े उलटफेर हो सकते हैं। बुजुर्ग नेताओं को साइड लाइन करने की तैयारी है। युवा टीम को तवज्जो दी जाएगी। भाड़े की भीड़ जुटाने वाले नेताओं पर विशेष नजर रखने के लिए मोदी की बी टीम लगी है। यहीं से टिकट बंटवारे की आधारशिला रखी जाएगी।
स्क्रीनिंग के लिए कई चरणों से होकर आने वाले उम्मीदवारों के आवेदनों पर विचार होगा। जातिगत समीकरणों का आधार तो होगा ही, लंबी पारी खेलने वालों की बजाय हिट एंड रन की तरह जिताऊ उम्मीदवारों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए कुछ कड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिसे लेकर अंतर्कलह का डर है। इसके लिए डबल डोज तैयार है और ब्रह्मास्त्र के रूप में इसका इस्तेमाल सर्जिकल स्ट्राइक के तरीके से किया जाएगा।
अगले दो साल में हजारों लोगों के घरों में रसोई गैस पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगी। प्रधानमंत्री 51 हजार करोड़ की इस योजना की शुरुआत सोमवार को डीरेका में करेंगे। वाराणसी में इस योजना पर 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहर में 800 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके तहत लगभग 50 हजार घरों में पीएनजी से जोड़ा जाएगा। पांच वर्ष बाद लगभग 5 लाख सिलेंडर यहां खाली हो जाएंगे। साथ ही 20 हजार वाहनों को सीएनजी में बदला जाएगा। 20 सीएनजी स्टेशनों का निर्माण होगा। गेल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशुतोष कर्नाटक ने बताया कि पहले चरण में सात शहरों वाराणसी, पटना, रांची, भुवनेश्वर, कटक, जमशेदपुर में गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी और 1100 किलोमीटर लंबा यह काम दिसंबर, 2018 तक पूरा कराया जाएगा।