जिले में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जहां एक के बाद एक मौतों का सिलसिला जा रही है वहीं इसकी चपेट में आने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। रविवार को दीनदयाल अस्पताल में बने दोनों डेंगू वार्ड के मरीजों से भर जाने के बाद यहां आने वाले कई मरीजों को मंडलीय अस्पताल लौटाना पड़ा।
डेंगू पर नियंत्रण के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे दावों की पोल खुलती जा रही है। शहर के कोल्हुआ विनायका, लोहता, आदमपुर आदि इलाकों के मरीजों का इलाज मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर में चल रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों में जो विशेष वार्ड बनाया गया है, वह सभी फुल हो गए हैं। यहां हर बेड पर मच्छरदानी लगाए जाने के साथ ही चिकित्सकों की टीम मानीटरिंग भी कर रही है। इस बीच रविवार को पंचक्रोशी से आए बृजेश गुप्ता और सारनाथ के प्रमोद यादव को भर्ती नहीं किया जा सका और मंडलीय अस्पताल जाने की सलाह दी गई। बतां दे कि अब तक डेंगू से दंत चिकित्सक, पुलिस कर्मी, इंटरनेशनल महिला फुटबाल समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है।