वाराणसी। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण संबंधी परिणामों के सुधार के लिए सीएम योगी ने मंगलवार को राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की। इस अवसर पर सेवापुरी की मुख्य सेविका रेनू पांडे और हरहुआ की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता विश्वकर्मा को लखनऊ में सम्मानित किया गया। दोनों कार्यकर्ताओं ने पिछले वर्ष संचालित हुए पोषण माह के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया था। वर्ष 2020 में वाराणसी ने राष्ट्रीय पोषण माह में सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में अपनी जगह बनाई थी। वहीं जिले में पोषण माह का शुभारंभ राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्राथमिक विद्यालय सिकरौल में किया। इसमें पांच गर्भवती महिलाओं अर्चना, सोनी, जाहिदा नाहिद, पुजा गुप्ता एवं शहजादी की गोदभराई की गई। वहीं पांच बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इस अवसर पर पार्षद दिनेश यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी मनोज कुमार गौतम आदि मौजूद रहे। रोहनिया विधायक सुरेंद नारायण सिंह ने काशी विद्यापीठ विकासखंड के मड़ाव आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण माह का शुभारंभ किया।
सेहत में सुधार न होने पर एनआरसी में भर्ती होंगे बच्चे
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन कार्यालय सभागार में पोषण मिशन समिति व राष्ट्रीय पोषण माह के सफल संचालन के लिए बैठक हुई। इसमें उन्होंने बच्चों का चिन्हांकन करने के साथ हर आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन मशीन, एमयूएसी टेप (लंबाई नापने का टेप) की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों में आ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें दवा दें। यदि 15 दिवस में दवा से बच्चों में सुधार नहीं हो रहा है तो उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा जाए।