रंगभरी एकादशी पर काशीपुराधिपति जहां खादी के वस्त्रों में विराजमान होंगे वहीं गौरा बरसाने का घाघरा पहनेंगी। 14 मार्च को रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ, माता पार्वती संग प्रथमेश की चल प्रतिमा की पालकी यात्रा की तैयारियां महंत आवास पर जारी है। बाबा की रजत पालकी, राजसी स्वरूप, पूजन परंपरा के साथ गौरा के गौने के सामनों को जुटाया जा रहा है।
वाराणसी में रंगभरी एकादशी पर काशी की गलियों में होली का जश्न।
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काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि गौरा के गौना के लिए शुक्रवार को टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर माता गौरा की प्रतिमा के पूजन के बाद हल्दी लगाई जाएगी। महिला श्रद्धालु गौरा को गौना की हल्दी लगाएंगी। गौना पर बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को अहमदाबाद के गांधी-आश्रम से भेजे गए खादी के कपड़े की पोशाक पहनेंगे तो गौरा के लिये बरसाने से भक्त ने घाघरा भेजा है। बाबा के गौना के लिए पोशाक चौक क्षेत्र के दर्जी किशनलाल बना रहे हैं।