रामगोविंद ने आरोप लगाया कि उस शैक्षिक संस्था को आरएसएस और भाजपा के इशारे पर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेएनयू को भी इसी तरह बदनाम किया गया। लोकतंत्र में विपक्ष को डराने धमकाने की परंपरा नहीं रही है।
अभी हाल ही में बलिया में भयानक प्राकृतिक आपदा आई। उन्होंने विधानसभा में भी इस बात को उठाया लेकिन उस आपदा से हुए नु़कसान का कोई मुआवजा या सहायता सरकार की ओर से नहीं दी गई।
इस दौरान उन्होंने उन्नाव बलात्कार कांड के आरोपी को भाजपा सरकार द्वारा बचाए जाने का भी आरोप लगाया। कहा कि अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री में थोड़ी भी नैतिकता होती तो उभ्भा कांड और उन्नाव कांड के बाद अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देते। प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।