कोरोना संक्रमण के कारण शहर में रामनवमी की धूम देखने को नहीं मिली। अधिकांश लोगों ने मोबाइल के माध्यम से ही रामनवमी की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। पिछले साल लॉकडाउन के कारण रामनवमी के सभी आयोजन निरस्त हो गए थे। वहीं इस साल कोरोना संक्रमण के कारण सब कुछ सांकेतिक ढंग से संपन्न हुआ। मानसरोवर स्थित रामतारका आंध्र आश्रम में भी भगवान राम का जन्मोत्सव व राम सीता विवाह का होने वाला आयोजन स्थगित रहा। शहर के सभी मंदिरों में राम दरबार की झांकी सजाकर भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया।
गंगा की लहरों पर नहीं सजी रामकथा मंदाकिनी शोभायात्रा
तुलसीघाट से भैंसासुर घाट तक निकलने वाली मंदाकिनी शोभायात्रा भी स्थगित कर दी गई। बजड़ों पर सजी प्रभु श्रीराम की झांकियों को निहारने के लिए घाट किनारे काशी की जनता उमड़ती है, लेकिन इस बार घाटों पर पूरी तरह सन्नाटा ही पसरा रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए संपूर्ण आयोजन को पूरी तरह से स्थगित कर दिया। परंपरा निभाने के लिए सांकेतिक आरती का ही आयोजन किया गया।