मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी में दो दिन में 120 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। दो से तीन दिन यही हालात रहेंगे। बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से ही वाराणसी समेत आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है। बुधवार सुबह से शुरू तेज हवा संग झमाझम बारिश बृहस्पतिवार को रुक-रुककर होती रही।
औरंगाबाद, नई सड़क, नदेसर, बेनिया, गोदौलिया, भिखारीपुर, अंधरापुल, चौकाघाट, पक्कामहाल, लंका आदि इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। पानी इतना अधिक था कि कई जगहों पर बाइक बंद हो गई। मैकिनकों के पास लोगों की भीड़ रही। वहीं, सामनेघाट, लहरतारा, संकट मोचन मार्ग, ककरमत्ता, लहरतारा बौलिया पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस वजह से दुघर्टना की आशंका बनी रही।
दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से कई जगह पेड़ गिर गए। बृहस्पतिवार सुबह चांदपुर चौराहे के समीप एक शीशम का पेड़ गिर गया। जिसकी चपेट में खड़ी एक बस व ट्रक आ गया। पेड़ गिरने से प्रयागराज-वाराणसी मार्ग की एक लेन पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गई।
दूसरी तरफ मंडुवाडीह से मोढ़ैला मार्ग पर विशालकाय बरगद का पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। शाम तक प्रशासन की तरफ से पेड़ हटाने की शुरुआत नहीं हुई है। जिसके चलते आवागमन में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।