पिछले महीने 22 जून को मानसून की दस्तक के बाद जून महीने में दो दिन बारिश हुई लेकिन इसके बाद से मौसम ऐसा बदल गया कि हर कोई गर्मी से परेशान हो गया। दिन में जेठ के महीने जैसी तेज धूप हो रही थी। इस बीच मंगलवार रात से ही मौसम में अचानक बदलाव शुरू हो गया।
बुधवार की शाम करीब सात बजे गरज-चमक के साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि मानसून के कमजोर होने की वजह से ही बारिश नहीं हो पा रही थी। अब रविवार तक रुक-रुक कर हल्की से तेज बारिश के आसार हैं। तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39.2 की तुलना में बुधवार को 37.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूतनम तापमान 29.4 रिकार्ड किया गया।
पहाड़ों पर बरसात का असर अब गंगा में दिखने लगा है। बनारस में गंगा अब धीरे-धीरे घाट की सीढ़ियां चढ़ने लगी हैं। दो दिनों के बाद पिछले 24 घंटे से तीन गुनी रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। दो दिन पहले जहां गंगा के बढ़ने की रफ्तार एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा थी, वहीं पिछले 24 घंटे से गंगा के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।
बुधवार को केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 60.40 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल गंगा अभी चेतावनी बिंदु से लगभग 10 मीटर नीचे हैं। हालांकि सुबह दशाश्वमेध घाट समेत सभी घाटों की निचली सीढ़ियां अब पानी में डूब गई हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो घाट के नीचे की मढ़ियां भी डूब जाएंगे। वहीं घाटों पर चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं और बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करने की अपील की गई है। फाफामऊ, मिर्जापुर और गाजीपुर में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 59.78 मीटर था। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 71.26 और खतरे का बिंदु 72.26 है।