डॉ. विनोद जायसवाल का कहना है कि यदि इन पहाड़ियों का गहन सर्वेक्षण किया जाए तो सैकड़ों चित्रित शैलाश्रय मिल सकते हैं। सर्वेक्षण के क्रम में इन शैलचित्रों के अतिरिक्त मोरवा पहाड़, व्यूवा पहाड़, कोसमवा पहाड़, जहरवा पहाड़, चनईमान, बन्हो राजा, टेस्टवरिया, थुथनिमान, अकलानाल दरी, भलमनवा और डीहवार पहाड़ से भी चित्रित शैलाश्रय प्रकाश में आएं हैं।