नेशनल नॉलेज नेटवर्क के तहत मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं से मुखातिब थे।
नए साल में पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वो खुशहाल समाज का निर्माण करें।
हमेशा अपने चेहरे पर मुस्कान रखें। प्रकृति से जुड़ें। हमेशा खुश रहें और दूसरों को भी खुश रखने का प्रयास करें। योग और ध्यान से नकारात्मक ऊर्जा को मिटाएं।
बीएचयू स्वतंत्रता भवन के सीनेट हॉल और आईआईटी बीएचयू में राष्ट्रपति की वीडियोकांफ्रेंसिंग के प्रसारण के दौरान ‘बिल्डिंग ए हैप्पी सोसाइटी’ विषय पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल हैं।
विज्ञान और तकनीकी के मामले में हम दूसरे नंबर पर है।
मिलिट्री पावर में तीसरे पायदान पर हैं, न्यूक्लियर क्लब में हम छठवें नंबर पर हैं लेकिन ये आश्चर्य की बात है कि ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2015’ में हमारा देश 158 में से 117वें पायदान पर हैं जबकि हमारा देश उत्सवों का है।
मस्ती और उल्लास हमारी प्रकृति में हैं। बावजूद इसके आज हम तनाव, अवसाद, दुख, पीड़ा के कारण नकारात्मक ऊर्जा से घिर गए हैं।
हमें अपनी सकारात्मक ऊर्जा से इसे खत्म करना होगा।
इसके लिए योग और ध्यान हमारी मदद कर सकते हैं।
किताबों को अपना दोस्त बनाइए। कला और संस्कृति के प्रति रुचि पैदा करिए। हमेशा कुछ नया सीखने का प्रयास करें। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी, कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय समेत संकाय प्रमुख, हेड व छात्र शामिल रहे।