प्रयागराज, मथुरा और काशी का होगा संगम
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बनारस-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस को मथुरा तक चलाने की तैयारी चल रही है। नार्थ सेंट्रल रेलवे और रेलवे बोर्ड को इसका प्रस्ताव भेजा गया है। सब कुछ ठीक रहा तो महाकुंभ से पहले इस ट्रेन का विस्तार मथुरा तक कर दिया जाएगा। ऐसे में काशी, प्रयाग और मथुरा का वंदे भारत के जरिए संगम भी होगा।
अब तक काशी-मथुरा आवाजाही करने वाले यात्रियों को आगरा के बाद ट्रेन बदलनी पड़ती है। 20175/76 बनारस-आगरा वंदे भारत ट्रेन का संचालन बनारस स्टेशन से हो रहा है। अपराह्न 3.20 बजे बनारस से खुलती है और प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, इटावा और टुंडला होते हुए रात 10.22 बजे आगरा पहुंचती है। आगरा के बाद यात्रियों को मथुरा जाने के लिए सड़क मार्ग या फिर किसी अन्य ट्रेन का सहारा लेना पड़ता है।
टूर ऑपरेटरों के अनुसार वंदे भारत में यात्रियों की क्षमता अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। हालांकि सीधी सेवा यदि मथुरा तक हो जाए तो यह ट्रेन धार्मिक नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण हो जाएगी। वृंदावन के ऋतेश्वर महाराज ने भी रेलवे बोर्ड अधिकारियों से मांग की है कि इस ट्रेन को काशी से मथुरा तक जोड़ दिया जाए। इससे काशी, प्रयाग और मथुरा का भी संगम होगा।
चौबेपुर के रहने वाले अमरनाथ चौबे ने रेलवे बोर्ड को इसका प्रस्ताव भी भेजा है। नार्थ सेंट्रल रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे को भी इसका प्रस्ताव पूर्व में जा चुका है। टूर ऑपरेटर अभिषेक सिंह ने बताया कि धार्मिक पर्यटन को इससे काफी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।