चक्काजाम व हंगामे की सूचना पर एसपी ग्रामीण एनपी सिंह व एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। परिजन डॉक्टर को बुलाए जाने व अस्पताल को सील करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और रात लगभग साढ़े नौ बजे मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
वहीं, डॉ. आसिफ का कहना है कि प्रसूता को खून की कमी थी और पहली डिलेवरी थी। रात में तीन बजे उसे डिलेवरी पेन हुआ तो लेबर रूम में ले जाया गया। डिलेवरी होने भी लगी और बच्चा बाहर आने लगा। इसी दौरान प्रसूता को हार्टअटैक आया और उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के तरफ से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। जहां तक रुपये जमा करने की बात है तो मृतका के परिजनों से एक रुपये भी जमा नहीं कराया गया है।