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बीएचयू में पोस्टर विवाद गरमाया, छात्रों के विरोध पर बैकफुट पर विश्वविद्यालय प्रशासन

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उर्दू दिवस पर बीएचयू उर्दू विभाग की ओर से मंगलवार को आयोजित वेबिनार के लिए ऑनलाइन जारी पोस्टर को लेकर विवाद अब गरमाता जा रहा है। सोशल मीडिया पर टिप्पणी के बाद मंगलवार को छात्रों ने भी कला संकाय प्रमुख से शिकायत कर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ता देख बीएचयू प्रशासन की ओर से उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. आफताब अहमद आफाकी को नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही तीन सदस्यीय जांच समिति का भी गठन किया गया है।
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बीएचयू उर्द विभाग में पोस्टर विवाद को लेकर छात्रों ने जो शिकायत की है, उसमें यह कहा कि कार्यक्रम की सूचना न तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी की गई और न ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी की गई। उधर, बीएचयू प्रशासन की ओर से ट्विटर पर माफी मांगते हुए भूल सुधार कर पोस्टर भी जारी किया गया। उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो आफताब अहमद आफाकी ने बताया कि विभाग के वेबिनार का जो पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, वह भूलवश तैयार हो गया था। इसकी जगह दूसरा पोस्टर तैयार करा लिया गया था। इसमें केवल महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगाई गई है।
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प्रो. केएम पांडेय होंगे जांच समिति के अध्यक्ष
बीएचयू प्रशासन ने मामले में जांच कराने का फैसला लिया है। मामले की जांच के लिए जो तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, उसमें अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. केएम पांडेय को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा प्रो. बिमलेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, पाली एवं बौद्ध अध्ययन विभाग, समिति के सदस्य होंगे। सहायक कुलसचिव, कला संकाय को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
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क्या है पोस्टर विवाद
उर्दू विभाग में वेबिनार के जिस पोस्टर पर विवाद हो रहा है, उसमें एक तरफ बीएचयू का लोगो लगा था, जबकि दूसरी ओर अल्लामा इकबाल की तस्वीर लगा दी गई थी। यहां महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर नहीं लगी थी। बीएचयू छात्रों ने इस पर आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अल्लामा इकबाल की तस्वीर लगी पोस्टर की जगह महामना की तस्वीर लगा पोस्टर बनाया गया।
क्या कहते हैं विभागाध्यक्ष
इस बारे में विभागाध्यक्ष का कहना है कि मामले में जांच समिति द्वारा जो भी पूछताछ की जाएगी, उसका जवाब देंगे। बताया कि हर साल नौ नवंबर को अंतरराष्ट्रीय उर्दू दिवस को अल्लामा इकबाल के जन्म दिवस के रूप में देश नहीं पूरे विश्व में मनाया जाता है। वेबिनार के लिए पोस्टर तैयार करने की जिम्मेदारी छात्रों को दी गई थी। इस पोस्टर पर महामना की तस्वीर न होने की जानकारी जैसे ही मिली, तुरंत हटवा दिया।
कौन है अल्लामा इकबाल
अल्लामा इकबाल भारत में द्विराष्ट्रवाद के समर्थक रहे। इन्होंने भारत से मुस्लिमों के लिए अलग मुल्क पाकिस्तान के लिए भी समर्थन किया था। इनकी पहचान उर्दू शायर के रूप में भी है। हिंदुस्तान की आजादी से पहले तराना-ए-हिंद लिखा था।
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