वाराणसी के नौ कुंडों-तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन के बाद साफ-सफाई नहीं हुई है। इससे कुंड और तालाब किनारे मूर्तियों के अवशेष पड़े हुए हैं। इससे वहां लोगों को आने जाने में दिक्कत हो रही है।
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दुर्गापूजा के बाद शहरभर में नौ कुंडों-तालाबों और खिड़कियाघाट एवं रामनगर के पास गड़वाघाट के समीप दो अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए बनाए गए थे। वहां प्रकाश, सड़क, सफाई कर्मी की व्यवस्था की गई थी, ताकि विसर्जन के बाद सफाई की जा सके। लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड में मूर्ति विसर्जन के बाद घाट किनारे अवशेष पड़े हैं।
वहीं कुंड को भी अच्छी तरह से साफ नहीं किया गया है। यही हाल संकुलधारा पोखरे की है। वहां भी पानी से अवशेष निकालकर किनारे रख दिया गया है। पुआल, मिट्टी किनारे होने से वहां आने जाने वालों को परेशानी हो रही है। यही हाल मैदागिन स्थित मंदाकिनी कुंड का भी है।
शुंकुलधारा तालाब पर मूर्ति विसर्जन के बाद कुंड पर रखा गया मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
अपर नगर आयुक्त दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के बाद कुंडों-तालाबों की सफाई कराई गई है। जहां किनारे अवशेष पड़े हैं उसे भी साफ करा दिया जाएगा।