उन्होंने तीन लोगों को तो बाहर निकाल लिया लेकिन प्रशांत को नहीं बचा सके। गंगा में डूब जाने से उसकी सांसें उखड़ चुकी थीं। सूचना मिलने पर पहुंचे सूजाबाद प्रभारी संजय तिवारी ने शव को बाहर निकलवाया और प्रशांत के मौत के बाद उसके साथ आए लोग बदहवास हो गए।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशांत के छोटे भाई प्रतीक ने बताया कि प्रशांत पहले बिजली विभाग में प्राइवेट कर्मी था। उसकी रेलवे में नौकरी लग गई थी, लेकिन अभी ज्वॉइनिंग होना बाकी थी।