गारंटी के तौर पर अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र सॉल्वर गैंग अपने पास रख लेता था। राम किंकर सिंह ने बताया कि 2018 की सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के मामले में उसके गिरोह के समीर, अमित साहनी, राजबहादुर और राजेश कुमार महतो को पूर्व में जेल भेजा जा चुका है।
इस फर्जीवाड़े में परीक्षा आयोजित करने वाली टीसीएस कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत का भंडाफोड़ कर एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था।