उन्होंने आगे लिखा कि काशी के लिए हमारा विजन आने वाली पीढ़ियों के लिए गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। इसी भावना से सिपेट(CIPET), जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परियोजनाओं और करखियांव में आम के साथ-साथ सब्जियों के लिए इंट्रीग्रेटेड पैक हाउस की आधारशिला रखेंगे।
एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि काशी में जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा उनमें गोदौलिया में मल्टी लेवल पार्किंग, पर्यटन विकास के लिए रो-रो वेसल्स, वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर तीन लेन का फ्लाईओवर ब्रिज शामिल हैं।
कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया है। इन्हीं प्रयासों के तहत बीएचयू अस्पताल में 100 बेड के एमसीएच विंग का उद्घाटन किया जाएगा। यह परियोजना काशी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को आसानी से सुलभ बनाएगी।
गौरतलब है कि पिछली बार पीएम मोदी देव दीपावली के दिन काशी आए थे। बताया जा रहा है कि इस बार के दौरे पर प्रधानमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे और अपने काशी विश्वनाथ धाम निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेंगे। बृहस्पतिवार को पांच घंटे पीएम मोदी काशी में रहेंगे।
उनके आगमन के मद्देनजर सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जल, थल और नभ से प्रधानमंत्री की सुरक्षा होगी। शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पीएम के आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने से पहले बुधवार की देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समीक्षा के लिए वाराणसी पहुंच गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10.30 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से वे सेना के हेलीकाप्टर से बीएचयू पहुंचेंगे। यहां आईआईटी खेल मैदान में परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास के साथ ही जनसभा को संबोधित करेेंगे। इसके बाद बीएचयू में नवनिर्मित एमसीएच विंग का निरीक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे़ चुनिंदा लोगों से कोरोना की संभावित तीसरी लहर पर संवाद करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी हेलीकाप्टर से संपूर्णांनंद संस्कृत विश्वविद्यालय आएंगे और हेलीपैड से सड़क मार्ग से सिगरा स्थित रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर पहुंचेंगे। यहां रुद्राक्ष भवन का उद्घाटन करने के बाद शहर के अलग-अलग वर्गों से जुड़े प्रबुद्धजनों से संवाद करेंगे। पीएम अपराह्न 3.30 बजे दिल्ली लौट जाएंगे।