पूछताछ में युवक ने अपना नाम धर्मेंद्र सिंह और निवास स्थान भेलूपुर जल संस्थान स्थित सरकारी आवास बताया। धर्मेंद्र के अनुसार, उसके मां-बाप जल संस्थान के कर्मचारी थे। मां की मौत होने पर उसके भाई को नौकरी मिल गई तो वह उसके साथ रहने लगा। उसने बताया कि 16 जुलाई को उसके पुराने परिचित महंगू और जयप्रकाश नाई घर आए।
दोनों ने उससे कहा कि अरुण पाठक के एक कार्यक्रम में गंगा घाट किनारे सिर मुंडवाना है और इसके बदले में एक हजार रुपये मिलेंगे। अरुण को भी वह जानता ही था तो साथ चला गया। घाट पर उसे जैसा कहा गया, वैसा उसने किया। इसके बाद वह वापस घर चला आया।
सोशल मीडिया में गुरुवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में विश्व हिंदू सेना की ओर से दावा किया गया कि अयोध्या और श्रीराम के बारे में नेपाल के प्रधानमंत्री के विवादित बयान के विरोध में नेपाली युवक का सिर मुड़वाकर जय श्रीराम लिखा गया है। इसके साथ ही युवक से नेपाल और वहां के प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कराई गई है।
वीडियो के वायरल होते ही अरुण पाठक और अन्य अज्ञात के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। शुक्रवार को प्रकरण में चार आरोपी और शनिवार को दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। इस बीच शनिवार की दोपहर दूर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह ने जिस युवक का सिर मुड़वाया गया था, उसे खोज निकाला। इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि प्रकरण में छह आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। पुलिस की दो टीमें अरुण पाठक की तलाश कर रही हैं।