फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: पंडित बिरजू महाराज की अस्थियां लेकर आज पहुंचेंगे परिजन, कल गंगा में विसर्जन से पहले निकलेगी यात्रा

Fri, 21 Jan 2022 01:02 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

पद्म विभूषण, नृत्य शिरोमणि, संगीत नाटक अकादमी सरीखे अनगिनत सम्मानों से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज ने बीते रविवार रात आखिरी सांस ली। दिल्ली में अंतिम संस्कार हुआ। शनिवार को काशी में गंगा में अस्थियां विसर्जित होंगी। 
विज्ञापन
पंडित बिरजू महाराज। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कथक सम्राट पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज की अस्थियां गंगा में विसर्जित होंगी। 21 जनवरी की देर रात परिजन पं. बिरजू महाराज की अस्थियों को लेकर बनारस आएंगे। अस्सी घाट पर विसर्जन के विधि-विधान पूर्ण करने के बाद गंगा की मध्य धारा में अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी।

विज्ञापन


उनके चाहने वाले और शिष्य अस्थियों का अंतिम दर्शन कस्तूरबा नगर कॉलोनी स्थित नटराज संगीत अकादमी परिसर में कर सकेंगे। गुरुवार को को पं. बिरजू महाराज के पुत्र पं. जयकिशन महाराज और शिष्या शाश्वती सेन अस्थि कलश लेकर दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

नटराज संगीत अकादमी परिसर में रखी जाएंगी अस्थियां
21 जनवरी को सुबह से लेकर शाम तक पं. बिरजू महाराज का अस्थिकलश लखनऊ स्थित उनके पैतृक आवास बिंदादीन की ड्योढ़ी पर रखा जाएगा। दिन भर लखनऊ में उनके प्रशंसक और चाहने वाले अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। सूर्यास्त के बाद परिजन अस्थि कलश लेकर काशी के लिए रवाना हो जाएंगे।

विज्ञापन

पं. बिरजू महाराज की शिष्या संगीता सिन्हा ने बताया कि पंडित बिरजू महाराज की अस्थियां, अंतिम दर्शन के लिए सिगरा के कस्तूरबा नगर कॉलोनी स्थित नटराज संगीत अकादमी परिसर में रखी जाएंगी। काशी के कलाकार और उनके प्रशंसकों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अस्थि कलश खुले वाहन पर रखकर अस्सी घाट ले जाया जाएगा। अस्थि कलश यात्रा 22 जनवरी को पूर्वाह्न 9 बजे आरंभ होगी।
पढ़ेंः काशी की बोलचाल और ट्रैफिक में भी पं. बिरजू महाराज ढूंढते थे लयकारी
विज्ञापन

अस्सी घाट पर वैदिक रीति से अस्थि कलश का पूजन

अस्सी घाट पहुंचने के बाद वैदिक रीति से अस्थि कलश का पूजन किया जाएगा और फिर गंगा की मध्य धारा में उसका विसर्जन पं. बिरजू महाराज के परिजनों द्वारा किया जाएगा। संगीता सिन्हा ने बताया कि हम सब चाहते थे कि पहले महाराजजी का अस्थि कलश कबीरचौरा मोहल्ले में रखा जाए, लेकिन उस क्षेत्र में सड़क खोदाई का काम जारी होने के कारण दिक्कतों को देखते हुए अस्थि कलश के अंतिम दर्शन नटराज संगीत अकादमी में कराने का निश्चय किया गया।
पढ़ेंः बनारस आकर हो जाता हूं फिर से जवां... 75 वें जन्मदिन पर पं. बिरजू महाराज की प्रस्तुति आज भी है जेहन में ताजा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें