Varanasi News: मूल रूप से मऊ की रहने वाली पलक के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। काफी संघर्षों के बीच उन्होंने अपनी शिक्षा-दीक्षा पूरी की। जिले के 537 छात्रों ने सीए की परीक्षा दी थी। वहीं, पलक की इस उपलब्धि पर उनका परिवार और मित्रगण काफी खुश हैं।
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया नई दिल्ली की ओर से मई में कराई गई सीए इंटरमीडिएट और फाइनल एग्जाम का परिणाम घोषित किया गया। जिले से 537 छात्रों ने फाइनल परीक्षा दी थी। इसमें दोनों ग्रुप से 25 परीक्षार्थी सफल हुए। फाइनल परीक्षा में पलक अग्रवाल को ऑल इंडिया 42वीं रैंक मिली है।
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दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया वाराणसी शाखा के अध्यक्ष सीए सौरभ शर्मा के अनुसार वाराणसी से फाइनल एग्जाम में कुल 537 छात्र शामिल हुए थे। दोनों ग्रुप में 25 छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है। इसमें पलक अग्रवाल को ऑल इंडिया 42वीं रैंक मिली है।
इनके अलावा वत्सल अग्रवाल, सेजल अग्रवाल, उत्कर्ष अग्रवाल, प्रेक्षा द्विवेदी, मयंक गुप्ता ने भी अच्छी रैंक हासिल की है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में अतुल श्रीवास्तव, दीपशिखा सिंह, निदा परवीन, सौरव साव, कुनाल राज आदि ने सफलता पाई है। छात्रों की सफलता पर वाराणसी शाखा अध्यक्ष के साथ ही उपाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह, सचिव वैभव मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष विकास द्विवेदी आदि ने बधाई दी है।
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सीए बनकर पापा का सपना पूरा किया
ऑल इंडिया 42वीं रैंक पाने वाली पलक को परीक्षा में कुल 600 में से 423 अंक मिले हैं। मूल रूप से मऊ के बल्लीपुरा की रहने वाली पलक ने बताया कि पिता स्व. लक्ष्मी प्रसाद गोयल का सपना था कि मैं सीए बनूं। आज मैंने पापा के सपने को पूरा किया।
सफलता को अपने पापा को समर्पित करते हुए कहा कि प्रशिक्षक सीए मनोज अग्रवाल, नीतू अग्रवाल के निर्देशन में जो सफलता मिली है, वह जीवन में प्रेरणादायी है। पलक ने बताया कि आगे चलकर इस क्षेत्र में और भी बेहतर काम करना चाहती हैं।